97 प्रतिशत लड़कियों की अपनों ने ही लूटी इज्जत, यूपी की करोड़ों बेटियां घर में ही सुरक्षित नहीं

National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2024 में दर्ज पॉक्सो एक्ट के 97.5 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ित बच्चों के परिचित, रिश्तेदार या करीबी निकले। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश मामलों में बच्चों को खतरा बाहरी लोगों से नहीं बल्कि आसपास के लोगों से ज्यादा है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 11 May 2026, 5:37 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को लेकर एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। National Crime Records Bureau यानी एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज अधिकांश मामलों में आरोपी कोई अजनबी नहीं बल्कि पीड़ित बच्चों के करीबी, रिश्तेदार, पड़ोसी या परिचित लोग थे। रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों को बाहरी दुनिया से ज्यादा खतरा अपने आसपास मौजूद लोगों से है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में पॉक्सो एक्ट के कुल 3671 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3581 मामलों में आरोपी पहले से पीड़ित बच्चों को जानते थे। केवल 90 मामलों में ही आरोपी अज्ञात पाए गए। यह आंकड़ा प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

रिश्तेदार और परिचित निकले सबसे बड़े आरोपी

रिपोर्ट में सामने आया है कि दर्ज मामलों में 329 आरोपी पीड़ित बच्चों के परिवार के सदस्य थे। वहीं 1595 मामलों में आरोपी रिश्तेदार, पड़ोसी या अन्य परिचित लोग निकले। इससे यह साफ होता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले अधिकतर लोग वही हैं, जिन पर परिवार भरोसा करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में आरोपी बच्चों के विश्वास और पारिवारिक संबंधों का फायदा उठाते हैं। इसी वजह से कई मामलों में पीड़ित लंबे समय तक डर या दबाव के कारण शिकायत भी नहीं कर पाते।

सोशल मीडिया और दोस्ती भी बन रही खतरा

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 1657 मामलों में आरोपी दोस्त, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए लोग, लिव-इन पार्टनर या शादी का झांसा देकर करीब आने वाले व्यक्ति थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बच्चों और किशोरों को ऑनलाइन शिकार बनाने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। कई आरोपी पहले दोस्ती करते हैं और बाद में बच्चों को भावनात्मक रूप से फंसाकर अपराध को अंजाम देते हैं।

लड़कियां बनीं सबसे ज्यादा शिकार

एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत वर्ष 2024 में कुल 3672 पीड़ित बच्चों के मामले दर्ज किए गए। इनमें 3571 लड़कियां और 101 लड़के शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों की संख्या बेहद अधिक है।

Location :  Lucknow

Published :  11 May 2026, 5:37 AM IST

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