
गोरखपुर कोर्ट (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Gorakhpur: गोरखपुर में “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की मजबूत पैरवी का बड़ा असर देखने को मिला है। साल 2018 में दर्ज एक गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला न सिर्फ न्याय व्यवस्था की मजबूती दिखाता है, बल्कि उन मामलों में भी उम्मीद जगाता है जो लंबे समय से लंबित चल रहे थे।
2018 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला थाना गुलरिहा क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2018 में मुकदमा तहत पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में केस दर्ज किया गया था। आरोपी पूर्णवासी उर्फ नाटे, निवासी खुटहन खास छावनी टोला पर नाबालिग के साथ लैंगिक अपराध का गंभीर आरोप था। मामला दर्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई और सबूतों को एकत्र किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाहों को अदालत में पेश किया। सभी तथ्यों और बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो कोर्ट संख्या-04 ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने स्पष्ट माना कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और इसमें कठोर दंड आवश्यक है।
10 साल की कठोर सजा और जुर्माना
न्यायालय ने आरोपी पूर्णवासी उर्फ नाटे को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की भावना मजबूत हुई है और क्षेत्र में इस निर्णय की चर्चा हो रही है।
पुलिस और अभियोजन की अहम भूमिका
इस पूरे मामले में पुलिस की सक्रिय मॉनिटरिंग और अभियोजन की प्रभावी पैरवी निर्णायक साबित हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल लगातार केस की प्रगति पर नजर बनाए हुए थे। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक उमेश मिश्रा और ADGC संजीत कुमार शाही ने अदालत में मजबूत दलीलें पेश कीं।
“ऑपरेशन कन्विक्शन” का असर
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” का उद्देश्य पुराने और लंबित मामलों में तेजी से न्याय दिलाना है। गोरखपुर का यह फैसला इसी अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जहां वर्षों पुराने केस में दोषी को सजा दिलाई गई।
Location : Gorakhpur
Published : 23 April 2026, 1:21 AM IST