यूपी की राजनीति से बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आयी है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को एक विधायक ने बंधक बना दिया। यूपी के विधायक ब्रजभूषण सिंह ने मंत्री को बंधक बनाया। इस प्रकरण के बाद यूपी की राजनीति में हड़ंकंप मच गया।

विधायक ने मंत्री को बनाया बंधक
Lucknow: यूपी की राजनीति से शुक्रवार को बड़ी खबर सामने आ रही है। महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर रोक दिया। यह घटना तब हुई जब मंत्री युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौट रहे थे। विधायक और उनके समर्थकों ने सड़कों की खराब हालत को लेकर विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार इस दौरान चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत और जल शक्ति मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। जिसके बाद विधायक ब्रजभूषण सिंह ने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बनाया। इस खबर से राजनीतिक हलकों मे हलचल मच गई।
विरोध का मुख्य कारण जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें हैं। इस योजना के दौरान पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया था, लेकिन बाद में उन्हें ठीक नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों को बहुत परेशानी हो रही है। सड़कें टूटी-फूटी हो गई हैं और आने-जाने में मुश्किल हो रही है। विधायक बृजभूषण राजपूत ने इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंदी बनाते विधायक
मिली जानकारी के अनुसार जब विधायक और ग्राम प्रधानों ने मंत्री के काफिले का रास्ता रोका, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मंत्री के समर्थक कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी आगे बढ़ना चाहते थे, जबकि विरोध करने वाले पीछे नहीं हटे। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और हाथापाई भी हो गई। सीओ सदर और कोतवाल को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला।
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विधायक का कहना है कि क्षेत्र की जनता की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंत्री से मांग की कि सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाए। दूसरी तरफ मंत्री के पक्ष में कहा गया कि वे कार्यक्रम में व्यस्त थे और रास्ता रोकना गलत था।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन अच्छी योजना है, लेकिन सड़कों को ठीक न करने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में दिक्कत हो रही है। इस घटना के बाद प्रशासन ने सड़कों की मरम्मत पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है।
घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कुछ समर्थकों ने आरोप लगाया कि मंत्री को बंधक जैसी स्थिति में रखा गया, हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को शांत करने और जनसमस्याओं के समाधान का आश्वासन देने की बात कह रहा है, जबकि यह घटना भाजपा के भीतर असंतोष को भी उजागर करती नजर आ रही है।