धान खरीद में बहेड़ी की चार राइस मिलें सूची से बाहर, मिलर्स एसोसिएशन ने RFC से लगाई गुहार

ऑटो अटैचमेंट सूची में बहेड़ी की चार राइस मिलों को जगह नहीं मिली। आरएफसी ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही शासन को रिपोर्ट भेजने की मांग भी की है। वहीं बहेड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नईम अहमद की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 4 November 2026, 4:41 PM IST

Bareilly: मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है, जहां बहेड़ी सरकारी धान खरीद व्यवस्था के तहत जारी ऑटो अटैचमेंट सूची में बहेड़ी की चार राइस मिलों को जगह नहीं मिली। सूची में मिलों को शामिल न किए जाने से नाराज बहेड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन ने आरएफसी (संभागीय खाद्य नियंत्रक) को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि मिलों को उनकी क्षमता के अनुसार धान खरीद केंद्रों से नहीं जोड़ा गया तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है और वहां काम करने वाले मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित होगी।

अध्यक्ष नईम अहमद ने सौंपा ज्ञापन

आपको बता दें कि बहेड़ी राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नईम अहमद की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि शासन की ओर से मिलों और धान क्रय केंद्रों की ऑटो अटैचमेंट सूची जारी की गई है, लेकिन इस सूची में कई मिलों को समान रूप से नहीं जोड़ा गया है। जिले में कुछ मिलों को एक भी सेंटर आवंटित नहीं किया गया, जबकि कुछ को केवल एक या दो सेंटर से ही जोड़ा गया है। एसोसिएशन ने इसे मिलों के साथ असमान व्यवहार बताते हुए उनकी क्षमता के अनुसार सेंटर आवंटित किए जाने की मांग उठाई है।

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मजदूरों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता

ज्ञापन में विशेष रूप से डायमंड राइस मिल बहेड़ी, न्यू डायमंड राइस मिल बहेड़ी, स्टार राइस मिल बहेड़ी और आजाद राइस मिल बहेड़ी को उन मिलों की सूची में शामिल बताया गया है, जिन्हें धान क्रय केंद्रों से नहीं जोड़ा गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस व्यवस्था से मिलों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। मिलों में काम करने वाले मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका है। ज्ञापन में सात मिलों में कार्यरत मजदूरों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता भी जताई गई है।

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आरएफसी ने मामले को गंभीरता से लिया

एसोसिएशन ने आरएफसी से मांग करते हुए कि- वंचित मिलों की स्थिति की रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए और उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार धान क्रय केंद्रों से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जाए। ज्ञापन मिलने के बाद आरएफसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को फोन किया और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। मिलर्स एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही समस्या का समाधान होगा और वंचित मिलों को भी धान खरीद व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

Location :  Bareilly

Published :  4 November 2026, 4:41 PM IST