
सिंचाई विभाग की बैठक से अफसर गायब (फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
Bareilly: बरेली जनता की समस्याओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर सरकारी अधिकारी कितने संवेदनशील और गंभीर हैं। इसका अंदाजा इसी से लगता है कि हाल ही में बिजली विभाग की बैठक में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार पहुंचे लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। अब सिंचाई विभाग की बैठक में एमएलसी बहोरनलाल मौर्य पहुंच गए लेकिन विभागीय अधिकारी नहीं पहुंचे। जिस पर एमएलसी भड़क गए और उन्होंने पूरे मामले की शिकायत डीएम सीडीओ के साथ ही शासन में की है।
मंगलवार को फरीदपुर स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन में आयोजित सिंचाई बंधु की बैठक में भाजपा एमएलसी बहोरन लाल मौर्य को भी अधिकारियों का इंतजार करना पड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक सुबह 11 बजे शुरू होनी थी। एमएलसी बहोरन लाल मौर्य समय से पहले ही निरीक्षण भवन पहुंच गए, लेकिन करीब आधे घंटे तक सिंचाई विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
काफी इंतजार के बाद नाराज एमएलसी ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह और प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। करीब पौने 12 बजे विभाग का एक सहायक अभियंता (AE) और एक अवर अभियंता (JE) पहुंचे, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिकारी की अनुपस्थिति से नाराज एमएलसी बैठक किए बिना ही लौट गए।
एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने कहा कि बैठक बाढ़ से बचाव की तैयारियों और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बुलाई गई थी। पूर्व सूचना के बावजूद अधिकारियों का अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही है। यह विभाग की कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की लिखित शिकायत शासन को भेजी जाएगी।
रुहेलखंड नहर खंड के अधिशासी अभियंता सर्वेश सिन्हा ने बताया कि वह विभागीय कार्य से लखनऊ गए थे और उन्होंने बैठक में शामिल होने के लिए सहायक अभियंता को लिखित रूप से नामित किया था। उनका दावा है कि एई समय पर बैठक स्थल पहुंच गए थे, जबकि एमएलसी निर्धारित समय से पहले पहुंच गए थे। वहीं प्रभारी सीडीओ चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने माना कि अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति में किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी को समय से बैठक में मौजूद रहना चाहिए था। उन्होंने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली बैठक में इस तरह की लापरवाही ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले मंत्री के कार्यक्रम में और अब एमएलसी की बैठक में अफसरों की अनुपस्थिति यह संदेश दे रही है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही का दबाव लगभग खत्म होता नजर आ रहा है।
Location : Bareilly
Published : 15 July 2026, 2:30 PM IST