Balrampur: राप्ती नदी की लहरों में जिंदगी की जंग हार गया मासूम, 48 घंटे बाद भी नहीं मिला शनि का सुराग

बलरामपुर के बेनी जोत गांव में मुंडन संस्कार के दौरान बड़ा हादसा हो गया। राप्ती नदी के किनारे पैर धोने गए दो मासूम बच्चे नदी में डूब गए। एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम बीते 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 May 2026, 5:14 PM IST

Balrampur: बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बेनी जोत में एक खुशहाल पारिवारिक कार्यक्रम अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गया। मुंडन संस्कार में शामिल होने आए परिवार के बीच उस समय चीख-पुकार मच गई, जब दो मासूम बच्चे राप्ती नदी में डूब गए। यह घटना पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल गई है।

शुक्रवार को राप्ती नदी के किनारे आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही देर में यह खुशी मातम में बदल गई। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे नदी किनारे पैर धोने गए थे तभी फिसलन के कारण संतुलन बिगड़ गया और वे तेज बहाव में बह गए।

एक बच्चे का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत नदी में बच्चों की तलाश शुरू की। प्रशासन और गोताखोरों को सूचना दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। लगातार खोजबीन के दौरान 15 वर्षीय रूसी का शव बरामद कर लिया गया। लेकिन छह वर्षीय मासूम शनि का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद से परिवार के लोग नदी किनारे डटे हुए हैं और हर गुजरते पल के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। करीब 48 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी शनि की तलाश जारी है। प्रशासन ने खोज अभियान को तेज कर दिया है और नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार तलाश की जा रही है।

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तेज बहाव और गहराई बनी चुनौती

राप्ती नदी का तेज बहाव और गहराई सर्च ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। स्थानीय गोताखोरों का कहना है कि नदी की धारा कई बार अचानक दिशा बदलती है, जिससे खोजबीन में मुश्किलें आती हैं। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम नावों और जाल की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश कर रही है। रविवार को भी बचाव दल ने कई घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन दोपहर तक शनि का कोई पता नहीं चल सका।

गांव में पसरा सन्नाटा

बेनी जोत गांव में इस हादसे के बाद गहरा सन्नाटा छाया हुआ है। गांव के लोग परिवार के साथ खड़े हैं, लेकिन हर चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा है। परिजनों की आंखें अब भी नदी की ओर टिकी हैं, मानो उन्हें उम्मीद हो कि नदी मासूम को वापस लौटा देगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर अक्सर अचानक बदल जाता है, जिससे किनारे पर जाना जोखिम भरा हो जाता है।

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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

प्रशासन की ओर से नदी के निचले इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन बढ़ा दिया गया है। नावों और गोताखोरों की मदद से दूर-दूर तक तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मासूम का पता नहीं चल जाता, अभियान जारी रहेगा।

Location :  Balrampur

Published :  3 May 2026, 5:14 PM IST