बलरामपुर बैंक घोटाला: खाते में 22 लाख की हेराफेरी, फर्जी लोन से हड़कंप, सहायक मैनेजर गिरफ्तार, पूर्व मैनेजर फरार

बलरामपुर के श्रीदत्तगंज स्थित बैंक में किसान की 22 लाख की जमा राशि को बिना अनुमति एफडी में बदलकर 20 लाख से अधिक का फर्जी लोन स्वीकृत करने का मामला सामने आया। जांच में सहायक मैनेजर गिरफ्तार हुआ, जबकि पूर्व मैनेजर फरार है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 June 2026, 4:14 PM IST

Balrampur: बलरामपुर जिले के श्रीदत्तगंज क्षेत्र के चमरूपुर गांव स्थित इंडियन बैंक शाखा में एक गंभीर वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक किसान की जीवनभर की जमा पूंजी से जुड़ा है, जिसे कथित रूप से बिना उसकी सहमति के फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया।

किसान की 22 लाख की जमा राशि का हेरफेर

चमरूपुर निवासी किसान जनार्दन सिंह ने अपनी जमीन बेचकर प्राप्त 22 लाख रुपये इंडियन बैंक में सुरक्षित रखने के लिए जमा किए थे। परिजनों के अनुसार, कुछ समय बाद जब उन्होंने दूसरी जमीन खरीदने के लिए पैसे निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें बताया गया कि उनकी पूरी राशि को सावधि जमा (एफडी) में बदल दिया गया है।

परिवार का आरोप है कि इस बदलाव के लिए उनसे कोई लिखित सहमति नहीं ली गई। केवल तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान ने मौखिक रूप से भरोसा दिलाया था कि आवश्यकता पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं।

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फर्जी लोन स्वीकृति का आरोप

इसके बाद पीड़ित परिवार को तीन महीने तक लगातार बैंक के चक्कर लगाने पड़े। इसी दौरान बैंक स्टाफ ने टीडीएस के 14 हजार रुपये वापस दिलाने के नाम पर कुछ दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाने की बात कही।

परिवार को शक है कि उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बैंक रिकॉर्ड में उनके नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक का फर्जी लोन स्वीकृत कर दिया गया। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब बैंक में नए शाखा प्रबंधक ने खातों की जांच की और परिवार को इस कथित लोन की जानकारी दी।

ब्याज और वित्तीय अनियमितता का मामला

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फर्जी लोन पर लगभग 84 हजार रुपये का ब्याज भी जोड़ दिया गया था। इस खुलासे के बाद पीड़ित परिवार और बैंक के बीच विवाद गहरा गया और मामला गंभीर रूप लेता चला गया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक शाखा प्रबंधक निखिल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे पूर्व शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित घोटाले में बैंक के भीतर और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और नियमों की अनदेखी कैसे की गई।

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पीड़ित परिवार पर दबाव और धमकियों का आरोप

पीड़ित किसान परिवार का आरोप है कि मामले के उजागर होने के बाद उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। किसान के बेटे सोनू सिंह के अनुसार, उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि उन्होंने कानूनी कार्रवाई जारी रखी तो उनकी राशन कार्ड जैसी सरकारी सुविधाएं बंद करवा दी जाएंगी।

Location :  Balrampur

Published :  2 June 2026, 4:14 PM IST