बलिया में 20 अक्टूबर को होगा ददरी मेले का ध्वज पूजन, इस बार पशु मेला लगने की भी जगी उम्मीद

बलिया में ऐतिहासिक ददरी मेले का ध्वज पूजन 20 अक्टूबर को होगा। पिछले साल लंपी रोग के कारण नहीं लगा था पशु मेला, इस बार आयोजन की उम्मीद।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 19 October 2026, 8:43 PM IST
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Ballia: उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक ददरी मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परंपरा के अनुसार 20 अक्टूबर को नंदीग्राम पशु मेला परिसर में ध्वज पूजन और स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बार पशु मेले के आयोजन की भी उम्मीद जगी है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार मिठाई लाल इस संबंध में जिलाधिकारी से मुलाकात कर चर्चा करेंगे।

नगर पालिका परिषद बलिया की ओर से आयोजित ध्वज पूजन कार्यक्रम मंगलवार को सुबह 11 बजे से होगा। इसमें सभासदों के साथ नगर मजिस्ट्रेट, प्रभारी अधिशासी अधिकारी और पालिका के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष संत कुमार मिठाई लाल ने बताया कि परिषद की ओर से परंपरा के अनुसार ऐतिहासिक ददरी मेले का आयोजन कराया जाएगा।

पिछले साल नहीं लगा था पशु मेला

पिछले वर्ष बलिया में लंपी रोग के प्रकोप को देखते हुए पशु मेले का आयोजन नहीं किया गया था। हालांकि, इस बार पशु मेला लगने की संभावना जताई जा रही है। इसके आयोजन को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे। प्रशासन की चर्चा और निर्णय के बाद पशु मेले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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कई राज्यों से पहुंचते हैं पशु व्यापारी

कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान से करीब दस दिन पहले ही ददरी मेला मैदान में पशुपालकों और व्यापारियों का पहुंचना शुरू हो जाता है। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में व्यापारी यहां आते हैं।

मेले में गाय, भैंस, बैल, घोड़े, ऊंट, गधे और बकरियों का कारोबार होता है। हरियाणा की मुर्रा भैंसें और पंजाब व राजस्थान के घोड़े खास आकर्षण का केंद्र रहते हैं। पशुओं की खरीद-बिक्री के चलते यह मेला पशुपालकों और व्यापारियों के लिए खास महत्व रखता है।

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करीब 89 एकड़ में लगता है ऐतिहासिक मेला

शहर के दक्षिणी छोर पर करीब 89 एकड़ यानी लगभग 140 बीघा क्षेत्र में ददरी मेले का आयोजन होता है। इसके लिए हर साल किसानों से भूमि किराए पर ली जाती है। इस बार भी 800 से अधिक किसानों की भूमि लेने की तैयारी की जा रही है।

ध्वज पूजन के साथ मेले की औपचारिक तैयारियों को गति मिलेगी। अब पशु मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन के फैसले पर नजर रहेगी। यदि पशु मेला आयोजित होता है, तो इससे पशुपालकों, व्यापारियों और मेले से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Location :  ballia

Published :  19 October 2026, 8:43 PM IST

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