
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Bahraich: बहराइच के मिहींपुरवा क्षेत्र के अंतर्गत जोगिनिया ग्राम पंचायत के मौजीपुरवा गांव में एक मादा तेंदुआ अचानक पहुंच गई। गांव मिहींपुरवा के पास चकिया वन रेंज से सटा हुआ है, जहां अक्सर जंगल से जुड़े वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। सुबह करीब पांच बजे के आसपास तेंदुआ गांव में घुसा और उसने अचानक हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मादा तेंदुए ने सबसे पहले गांव के तीन लोगों को निशाना बनाया। नसीम (50), जुबेर (30) और फजलुर्रहमान (55) पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के समय कुछ लोग अपने घरों में सो रहे थे, जबकि कुछ लोग दैनिक कामकाज में लगे हुए थे। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
Bahraich Accident: नेपाल से लौट रहे यात्रियों की कार हादसे का शिकार, 4 की दर्दनाक मौत
हमले के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर एकजुट होकर तेंदुए को घेरने की कोशिश की। शोर और भीड़ बढ़ने पर तेंदुआ पास के एक खाली मकान में घुस गया और वहीं छिप गया। संयोग से जिस मकान में वह घुसा, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा स्वयं गांव पहुंचे। उनके निर्देशन में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की टीम और पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने ट्रैंकुलाइजेशन ऑपरेशन शुरू किया।
करीब तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर तक चली और आखिरकार मादा तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर बेहोश कर सुरक्षित जाल में कैद कर लिया गया।
दोपहर लगभग एक बजे वन विभाग की टीम ने मादा तेंदुए को पूरी तरह काबू में कर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में उसे स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बहराइच वन प्रभाग के घने जंगल में छोड़ दिया गया।
Bahraich Murder Case: बहराइच मूर्ति दंगे में कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, सरफराज को फांसी की सजा
डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि तेंदुआ लगभग डेढ़ वर्ष की मादा थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वह भोजन या पानी की तलाश में भटककर गांव की ओर आ गई होगी। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में तीन वन टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गई है।
इलाके में तेंदुओं की आवाजाही हाल के दिनों में बढ़ी है।
22 मई को रामगांव के आसमानपुर में मादा तेंदुआ शावक समेत पिंजरे में कैद की गई थी।
21 मई को ककरहा रेंज के तेलियनपुरवा में घर में घुसे तेंदुए ने एक बालक पर हमला किया था।
Location : Bahraich
Published : 25 May 2026, 1:16 PM IST