बहराइच में तेंदुआ का तांडव, तीन ग्रामीणों को घायल कर खुद घर में ली शरण

बहराइच के मिहींपुरवा क्षेत्र के मौजीपुरवा गांव में भोर के समय मादा तेंदुआ ने तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ग्रामीणों की घेराबंदी के बाद वह घर में छिप गई। वन विभाग ने तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 May 2026, 1:16 PM IST

Bahraich: बहराइच के मिहींपुरवा क्षेत्र के अंतर्गत जोगिनिया ग्राम पंचायत के मौजीपुरवा गांव में एक मादा तेंदुआ अचानक पहुंच गई। गांव मिहींपुरवा के पास चकिया वन रेंज से सटा हुआ है, जहां अक्सर जंगल से जुड़े वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। सुबह करीब पांच बजे के आसपास तेंदुआ गांव में घुसा और उसने अचानक हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

तीन ग्रामीणों पर हमला

मादा तेंदुए ने सबसे पहले गांव के तीन लोगों को निशाना बनाया। नसीम (50), जुबेर (30) और फजलुर्रहमान (55) पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के समय कुछ लोग अपने घरों में सो रहे थे, जबकि कुछ लोग दैनिक कामकाज में लगे हुए थे। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

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ग्रामीणों की घेराबंदी और तेंदुए का छिपना

हमले के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर एकजुट होकर तेंदुए को घेरने की कोशिश की। शोर और भीड़ बढ़ने पर तेंदुआ पास के एक खाली मकान में घुस गया और वहीं छिप गया। संयोग से जिस मकान में वह घुसा, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा स्वयं गांव पहुंचे। उनके निर्देशन में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की टीम और पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने ट्रैंकुलाइजेशन ऑपरेशन शुरू किया।

करीब तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर तक चली और आखिरकार मादा तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर बेहोश कर सुरक्षित जाल में कैद कर लिया गया।

सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल में छोड़ना

दोपहर लगभग एक बजे वन विभाग की टीम ने मादा तेंदुए को पूरी तरह काबू में कर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में उसे स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बहराइच वन प्रभाग के घने जंगल में छोड़ दिया गया।

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वन विभाग का अनुमान और सतर्कता

डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि तेंदुआ लगभग डेढ़ वर्ष की मादा थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वह भोजन या पानी की तलाश में भटककर गांव की ओर आ गई होगी। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में तीन वन टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गई है।

हाल की घटना

इलाके में तेंदुओं की आवाजाही हाल के दिनों में बढ़ी है।

22 मई को रामगांव के आसमानपुर में मादा तेंदुआ शावक समेत पिंजरे में कैद की गई थी।
21 मई को ककरहा रेंज के तेलियनपुरवा में घर में घुसे तेंदुए ने एक बालक पर हमला किया था।

Location :  Bahraich

Published :  25 May 2026, 1:16 PM IST