मुश्किलों में घिरे आजम खां: 2019 और 2022 के मामलों की फाइलें पहुंची ED के पास, मनी लॉन्ड्रिंग और भर्ती घोटाले की होगी जांच!

रामपुर पुलिस ने वरिष्ठ नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज 84 मुकदमों की फाइलें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दी हैं। जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण में गड़बड़ी और जल निगम भर्ती घोटाले के मामलों में ईडी पहले से ही जांच कर रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 August 2026, 10:11 AM IST

Rampur: रामपुर के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पैनी नजर अब उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों पर टिक गई है। इसी सिलसिले में रामपुर पुलिस ने वरिष्ठ नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज कुल 84 मुकदमों की पूरी फाइल और दस्तावेज आधिकारिक तौर पर ईडी को सौंप दिए हैं।

ED की डिमांड पर रामपुर पुलिस ने भेजी चार्जशीट और FIR

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों से जुड़े दस्तावेजों की मांग की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस मांग के बाद रामपुर पुलिस हरकत में आई और दस्तावेजों को जुटाकर भेजने की प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईडी की ओर से आजम खां के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर की फोटोकॉपी, चार्जशीट और मुकदमों की मौजूदा ताजा स्थिति की सत्यापित प्रतियों को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। माना जा रहा है कि कागजात की यह मांग साल 2019 में आजम खां के खिलाफ ईडी की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के सिलसिले में की गई है। रामपुर के एएसपी अनुराग सिंह ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि पुलिस ने सभी 84 मुकदमों से जुड़े दस्तावेज और चार्जशीट की कॉपियां ईडी को भेज दी हैं।

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जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण और संपत्ति पर कब्जे के आरोप

आजम खां के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की शुरुआत जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ी शिकायतों के बाद हुई थी। केंद्र सरकार को एक शिकायत सौंपी गई थी, जिसमें जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान सरकारी जमीन और शत्रु संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

इस दौरान यूनिवर्सिटी के निर्माण में हुए कुल खर्च को लेकर भी बड़े सवाल खड़े किए गए थे। चर्चा यह भी थी कि निर्माण कार्य के दौरान बाहरी लोगों से मिले आर्थिक सहयोग की आड़ में काले धन को सफेद किया गया और खपाया गया। इन तमाम शिकायतों के सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एक तरफ जहां आयकर विभाग ने अपनी जांच के दायरे को बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साल 2019 में इस मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली थी।

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जल निगम भर्ती घोटाले का मामला भी जांच के घेरे में

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के अलावा आजम खां की मुश्किलें जल निगम भर्ती घोटाले को लेकर भी लगातार बढ़ी हुई हैं। अपने कार्यकाल के दौरान जल निगम के अध्यक्ष पद पर रहते हुए आजम खां पर भर्तियों में अनियमितता और घोटाले के गंभीर आरोप लगे थे।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक और नई रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जौहर यूनिवर्सिटी मामले और जल निगम भर्ती घोटाले- इन दोनों अहम एफआईआर को आधार बनाकर ईडी इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है। इसी जांच को आगे बढ़ाने और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए ईडी ने रामपुर पुलिस से मुकदमों का पूरा इतिहास मांगा था, जिसके जवाब में पुलिस ने 84 मुकदमों की फाइलें सौंप दी हैं।

Location :  Rampur

Published :  2 August 2026, 10:11 AM IST