रामलला के दरबार में ‘महाघोटाला’: दिल्ली से लखनऊ तक हलचल, SIT की डायरी में दर्ज हुए कौन से बड़े नाम?

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की SIT जांच पूरी हो गई है। 150 पन्नों की रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी जाएगी। मामले में 30 से अधिक लोगों की भूमिका संदिग्ध है और पीएमओ भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। चंपत राय के करीबियों समेत कई कर्मचारियों पर एफआईआर की तैयारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 June 2026, 11:16 AM IST

Ayodhya: राम मंदिर में दान और चढ़ावे की राशि में गबन का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और अब कार्रवाई को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक मंथन जारी है। जांच में मंदिर ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों और करीब 30 कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण टिन्नू यादव (जो चंपत राय का करीबी और पूर्व ड्राइवर रहा है), लवकुश और अनुकल्प पर शिकंजा कस गया है। एसआईटी ने इन संदिग्धों से 20 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है और नकदी बरामद होने के पुख्ता सबूत भी जुटाए हैं।

 मामले पर पीएमओ की पैनी नजर

राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था, इसलिए यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) लगातार इस प्रकरण की मॉनिटरिंग कर रहा है। पीएमओ के अधिकारियों ने अयोध्या पहुंचकर खुद मामले की छानबीन की है और एक गोपनीय रिपोर्ट दिल्ली भेजी है। इस रिपोर्ट में व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही और ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों की संदिग्ध भूमिका का स्पष्ट जिक्र है। माना जा रहा है कि पीएमओ के निर्देशों के बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई और ट्रस्ट का पुनर्गठन भी हो सकता है।

नियमों की अनदेखी पर कड़ा एक्शन

मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त पाई गई है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से बताया है कि दान राशि की गणना के लिए तय की गई गाइडलाइन का पालन ही नहीं किया गया। इस बड़ी लापरवाही के चलते चढ़ावे की गिनती में लगे करीब 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अब बैंक की ओर से नए कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है और ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मौजूदगी में ही गिनती का काम किया जा रहा है।

दोषियों को मिले कड़ी सजा

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले की गहराई से जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसने भी यह अपराध किया है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी अपील की कि जब तक जांच की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी की छवि खराब करने से बचा जाना चाहिए।

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डिजिटल ऑडिटिंग की तैयारी

इस घटना के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट दान प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है। भविष्य में ऐसी चोरियों को रोकने के लिए 'डिजिटल ऑडिटिंग' और 'बारकोड ट्रैकिंग सिस्टम' लागू करने की तैयारी है। इसके तहत दान पेटियों को 24 घंटे हाई-रेज़ोल्यूशन सीसीटीवी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी से जोड़ा जाएगा, ताकि दान किए गए एक-एक रुपये का सटीक हिसाब रियल-टाइम में रखा जा सके और श्रद्धालुओं का विश्वास अटूट रहे।

Location :  Ayodhya

Published :  22 June 2026, 11:16 AM IST