आज के बाद थम जाएंगी शहनाइयां, 35 दिनों तक नहीं बजेगा बैंड-बाजा… आखिर क्या है वजह?

अगर आपके घर में शादी की तैयारी चल रही है तो यह खबर आपको चौंका सकती है। आज के बाद अचानक शहनाइयों की आवाज थमने वाली है और कई परिवारों की योजनाएं बदल सकती हैं। ज्योतिषीय कारणों से आने वाले दिनों में ऐसा समय शुरू हो रहा है, जब मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 May 2026, 9:40 AM IST

Auraiya: शादी-ब्याह का सीजन अब अचानक थमने जा रहा है। मई की सहालग में आज आखिरी दिन विवाह समारोह आयोजित होंगे। इसके बाद करीब 35 दिनों तक शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अधिक मास यानी मलमास शुरू होने के कारण इस दौरान विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।

ऐसे में न सिर्फ परिवारों की तैयारियां रुक जाएंगी, बल्कि शादी से जुड़े कारोबार पर भी इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्यों बंद हो जाएंगे शादी-विवाह?

ज्योतिषाचार्य के अनुसार पंचांग के मुताबिक विक्रम संवत 2083 के ज्येष्ठ मास में 17 मई से अधिकमास शुरू हो रहा है। सनातन परंपरा में अधिकमास को भगवान विष्णु की आराधना और धर्म-कर्म के लिए बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य इस अवधि में वर्जित माने गए हैं।

उन्होंने बताया कि अधिकमास 15 जून तक रहेगा। इस दौरान शादी के मुहूर्त नहीं होंगे। इसके बाद कुछ दिनों के लिए सहालग शुरू होगी, लेकिन फिर जुलाई में गुरु तारा अस्त होने और हरि शयन काल लगने के कारण विवाह समारोहों पर लंबा विराम लग जाएगा।

19 जून से फिर शुरू होंगे मुहूर्त

ज्योतिष ने बताया कि 19 जून से 8 जुलाई के बीच केवल सात दिन ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद 20 नवंबर तक शादी-विवाह के लिए कोई प्रमुख मुहूर्त नहीं रहेगा। इस वजह से जिन परिवारों ने पहले से शादी की तैयारी नहीं की, उन्हें अब लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि अधिकमास के दौरान पूजा-पाठ, अनुष्ठान, व्रत और भगवद् गीता पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मिक शांति और ईश्वर भक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।

कारोबारियों की बढ़ी चिंता

शादी-विवाह का सीजन खत्म होने के साथ ही बाजारों में भी मंदी का असर दिखाई देने लगा है। कपड़ा, ज्वेलरी, टेंट, कैटरिंग और सजावट से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में काम काफी कम हो जाएगा।

व्यापारियों का कहना है कि सहालग खत्म होते ही कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। अब अगले चार महीनों तक पारंपरिक व्यापार पर ज्यादा निर्भर रहना होगा। शादी सीजन में होने वाली बिक्री से व्यापारियों को बड़ी उम्मीद रहती है, लेकिन लंबे अंतराल के कारण बाजार की रौनक फीकी पड़ सकती है।

ये हैं आने वाले विवाह मुहूर्त

मई: 14
जून: 19, 22, 27, 28, 29
जुलाई: 7, 8
नवंबर: 24, 25, 29
दिसंबर: 2, 3, 9

धार्मिक मान्यताओं का विशेष महत्व

सनातन परंपरा में अधिकमास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दौरान दान-पुण्य, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं। यही कारण है कि विवाह जैसे मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।

Location :  Lucknow

Published :  14 May 2026, 9:40 AM IST