लखनऊ में 4 आतंकी गिरफ्तार; नाई की दुकान पर पाकिस्तान से कनेक्शन! मेरठ का निकला मास्टरमाइंड

लखनऊ में यूपी ATS ने बड़ा ऑपरेशन करते हुए 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। मेरठ का साकिब उर्फ डेविल गिरोह का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है, जो नाई के काम की आड़ में पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी गतिविधियां चला रहा था।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 3 April 2026, 5:53 PM IST

Lucknow: लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क पर जोरदार चोट की है। यूपी ATS ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में जुटे थे। गिरफ्तार आरोपियों में साकिब उर्फ डेविल को इस पूरे गिरोह का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है।

ATS के मुताबिक, साकिब मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर गांव का रहने वाला है। बाहर से उसकी जिंदगी बिल्कुल सामान्य दिखती थी। वह नाई का काम करता था लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी काम की आड़ में वह लंबे समय से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। यही नहीं, वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था नेटवर्क

जांच में यह बात सामने आई है कि साकिब टेलीग्राम, सिग्नल और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई संदिग्ध ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। ATS का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सिर्फ बातचीत के लिए नहीं, बल्कि गोपनीय संपर्क, विचारधारा फैलाने और नेटवर्क बढ़ाने के लिए किया जा रहा था। एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों और सीमा पार तक भी जुड़े हो सकते हैं।

साकिब की भूमिका सबसे अहम

ATS अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों में साकिब उर्फ डेविल की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। वह कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे निर्देश लेता था और फिर उन्हें आगे स्थानीय स्तर पर सक्रिय करने की कोशिश करता था। उसकी ऑनलाइन एक्टिविटी, चैट हिस्ट्री और डिजिटल डिवाइसेज अब जांच एजेंसियों के कब्जे में हैं। इन्हीं के आधार पर कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

पूरे मॉड्यूल की पड़ताल में जुटी ATS

ATS अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, संपर्क सूत्र, डिजिटल कनेक्शन और संभावित स्लीपर सेल की दिशा में गहराई से जांच कर रही है। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस गिरोह का असली मकसद क्या था और ये लोग किस स्तर तक अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की तैयारी में थे। फिलहाल इस कार्रवाई को यूपी ATS की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

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  • Lucknow

Published : 
  • 3 April 2026, 5:53 PM IST