उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने केजीएमयू (KGMU) में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और कुलपति के बीच हुए विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेठी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अपर्णा यादव ने जो कदम उठाया, वह पूरी तरह सही है।

KGMU मामले में अपर्णा यादव को महिला आयोग का समर्थन
Amethi: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने केजीएमयू (KGMU) में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और कुलपति के बीच हुए विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेठी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अपर्णा यादव ने जो कदम उठाया, वह पूरी तरह सही है। किसी भी महिला उत्पीड़न के मामले में महिला आयोग की उपाध्यक्ष का मौके पर जाना न सिर्फ उचित है, बल्कि उनका कर्तव्य भी है।
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि यदि अपर्णा यादव केजीएमयू गई थीं, तो वहां किसी जिम्मेदार अधिकारी को उनसे मिलना चाहिए था। महिला आयोग को किसी भी संस्थान में जाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम में अपर्णा यादव की कोई गलती नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दे सामने आते हैं, तो यह बेहद चिंताजनक और गलत है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
DDU बास्केटबॉल टूर्नामेंट का आगाज़: पहले ही दिन कोर्ट पर दिखा दम, इस टीम की हुई धमाकेदार जीत
पत्रकार वार्ता के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचे, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को इसका पूरा लाभ मिल सके।
इससे पूर्व डॉ. बबीता सिंह चौहान ने जिला अस्पताल गौरीगंज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव, गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई और छह माह के बच्चों का प्रथम अन्नप्राशन कराया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी किट और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष ने उपस्थित महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मिशन शक्ति कार्यक्रम सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी।
DDU बास्केटबॉल टूर्नामेंट का आगाज़: पहले ही दिन कोर्ट पर दिखा दम, इस टीम की हुई धमाकेदार जीत
इसके बाद तहसील गौरीगंज सभागार में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, संपत्ति विवाद और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े कुल 10 प्रकरण सामने आए। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए तथा पीड़ित महिलाओं को न्याय का भरोसा दिलाया।