
डीएम कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार (IMG: Dynamite News)
Fatehpur: सरकारी आवासीय विद्यालय में पढ़कर अपना भविष्य संवारने पहुंची छात्राओं के साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार हुआ, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फतेहपुर के रामपुर थरियांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में दलित छात्राओं से जातिसूचक शब्द कहने, भरपेट खाना नहीं देने और झाड़ू-पोंछा कराने के आरोप सामने आए हैं। इतना ही नहीं, छात्राओं से बाथरूम तक साफ कराने का आरोप लगाया गया है।
मामला असोथर ब्लॉक के सतो गांव से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता गीता देवी के मुताबिक, उनके दिवंगत बेटे प्रीतम कुमार की बेटियां किरण और कशिश तथा एक अन्य छात्रा अंजली रामपुर थरियांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ती हैं। परिवार का कहना है कि इससे पहले भी विद्यालय में मिलने वाले खाने और उसकी गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों की ओर से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच भी हुई थी। आरोप है कि इसी के बाद से विद्यालय प्रशासन छात्राओं से नाराज रहने लगा और उन्हें कथित तौर पर परेशान किया जाने लगा।
शिकायत के मुताबिक, छात्राओं को पर्याप्त खाना नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि जब छात्राएं भोजन की मांग करती थीं तो उन्हें कथित तौर पर खाना नहीं देने और विद्यालय से बाहर निकालने की धमकी दी जाती थी। परिवार का यह भी आरोप है कि जब छात्राएं इस व्यवहार का विरोध करती थीं तो बड़ी छात्राओं के जरिए उनकी पिटाई कराई जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को सबसे गंभीर बनाने वाला आरोप जातिसूचक टिप्पणी का है। गीता देवी का आरोप है कि छात्राओं को उनकी जाति का हवाला देकर अपमानित किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, छात्राओं से कथित तौर पर कहा गया कि “पढ़-लिखकर तुम डीएम नहीं बनोगी, तुम्हारी जात ही सफाई करने के लिए है, तुम सफाई ही करोगी।”
परिवार का आरोप है कि छात्राओं से पढ़ाई के बजाय झाड़ू-पोंछा कराया जाता था। यहां तक कि विद्यालय के बाथरूम की सफाई भी छात्राओं से कराने की बात कही गई है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार की ओर से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का संचालन ऐसे बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।
मामले को लेकर पीड़ित परिवार सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्चियां पढ़ने के लिए विद्यालय गई हैं और उन्हें वहां सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
Location : Fatehpur
Published : 18 August 2026, 7:16 PM IST