चंदौली जिले में कथित रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के आधार कार्ड और वोटर सूची में नाम दर्ज होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय संगठनों ने दावा किया कि एक मोबाइल नंबर से कई पहचान पत्र बनाए गए हैं। मामले में जिलाधिकारी ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

चंदौली के कई क्षेत्रों में अवैध रूप से रहने की शिकायत
Chandauli: जिले में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। कुछ स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि कई संदिग्ध लोगों के आधार कार्ड और वोटर सूची में नाम दर्ज कर दिए गए हैं। इस मामले को लेकर प्रशासन से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि जिन व्यक्तियों के नाम पहचान पत्रों में दर्ज हैं, वे गांवों में स्थायी रूप से निवास नहीं करते। आरोप है कि चुनाव के समय अचानक ये लोग मतदान करने पहुंच जाते हैं और फिर क्षेत्र में दिखाई नहीं देते। इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ इलाकों में फेरी लगाकर सामान बेचने वाले लोगों की संख्या अचानक बढ़ी है। लोगों का कहना है कि इन व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे वास्तव में कहां के निवासी हैं।
इस मामले को उठाने वाले सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उनके अनुसार, एक ही मोबाइल नंबर के माध्यम से लगभग 200 आधार कार्ड बनाए जाने का दावा किया गया है।
जिला संयोजक वेद प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि अगर यह आरोप सही साबित होता है तो यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने आशंका जताई कि करीब दस मोबाइल नंबरों के माध्यम से लगभग एक हजार लोगों के आधार कार्ड और वोटर कार्ड तैयार किए गए हो सकते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
चंदौली के कई क्षेत्रों में अवैध रूप से रहने की शिकायत, पहचान पत्र और मतदाता सूची पर उठे सवाल, देखिये क्या बोले जिला संयोजक वेद प्रकाश द्विवेदी#Chandauli #IllegalImmigration #RohingyaIssue #VoterList pic.twitter.com/MUybiMsmyh
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 13, 2026
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्रीकांत विश्वकर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
पवन सिंह ने आरोप लगाया कि कई ऐसे लोग हैं जो सामान्य दिनों में क्षेत्र में नहीं दिखते, लेकिन चुनाव के समय अचानक मतदान करने के लिए पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए भी चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिले के दुल्हीपुर, पड़ाव, चकिया और नौगढ़ क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा घर बनाकर रहने की शिकायतें भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि इन इलाकों में रहने वाले बाहरी लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच कराई जानी चाहिए।
सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में आधार और वोटर सूची में दर्ज नामों की जांच, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने की मांग की गई है।
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इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने कहा है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस आश्वासन के बाद अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।