
नोएडा के ‘आपराधिक दुनिया के बादशाह’ रडार पर (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Noida: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के सभी कुख्यात माफियाओं, अपराधियों और बदमाशों की लिस्ट पुलिस कमिश्नरेट से मांगी है। यह जानकारी 26 मई तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश करनी होगी। इन सभी कुख्यात अपराधियों की क्राइम कुंडली के साथ हथियार, गन लाइसेंस और सुरक्षा की भी जांच करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें अमित कसाना, सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, रणदीप भाटी, मनोज आसे, अनिल भाटी और सिंह राज भाटी शामिल हैं।
सुंदर भाटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक कुख्यात गैंगस्टर और माफिया है, जो मुख्य रूप से ग्रेटर नोएडा के घंगोला गांव का रहने वाला है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सुंदर भाटी जेल से बाहर आया। हालांकि जेल से रिहाई के बाद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। सुंदर भाटी की रिहाई की खबर सामने आते ही पश्चिम यूपी के कई जिलों में पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। सुंदर भाटी पर हत्या, जबरन वसूली (रंगदारी), हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित शीर्ष माफियाओं की सूची में रखा गया है।
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गैंगस्टर सुंदर भाटी समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र नागर और उनके सरकारी गनर भूदेव शर्मा की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। यह मामला पश्चिम यूपी के चर्चित हत्याकांडों में गिना जाता है। लंबे समय से सुंदर भाटी सोनभद्र जेल में बंद था। अब हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उसकी रिहाई हुई है।
रणदीप भाटी भी गौतमबुद्ध नगर का कुख्यात अपराधी है। रणदीप भाटी को अक्टूबर 2023 में समाजवादी पार्टी के नेता चमन भाटी की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वह वर्तमान में दिल्ली की जेल में बंद है, जहां से उसके गिरोह का संचालन करने की खबरें आती रहती हैं। वह उत्तर प्रदेश के 'टॉप-10' गैंगस्टरों की सूची में शामिल है। उस पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं। उसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक अन्य बड़े माफिया सुंदर भाटी के साथ पुराना विवाद और गैंगवार चल रहा है।
अपराध की दुनिया में अनिल दुजाना का एक बड़ा नाम था। अनिल को गौतमबुद्ध नगर और वेस्ट यूपी का सबसे कुख्यात अपराधी माना जाता था, जिसके ऊपर 62 से ज्यादा मुकदमें थे। अनिल का एनकाउंटर यूपी एसटीएफ ने 4 मई 2023 को मेरठ में किया था। अनिल दुजाना ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को जान से मारने की धमकी दे दी थी। रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2022 में अनिल दुजाना के खिलाफ गाजियाबाद के कवि नगर कोतवाली में हरवीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।
सिंह राज भाटी और सुंदर भाटी को एक ही गैंग का माना जाता है। बताया जाता है कि सुंदर भाटी को सिंह राज भाटी अपना भतीजा मानता है। वैसे सिंह राज भाटी रामपुर माजरा गांव का रहने वाला है। वह 1989 से अपराधिक दुनिया से जुड़ा हुआ है।
अमित भाटी ने अपने मामा नरेश भाटी की हत्या का बदला लेने के लिए 1990 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। अमित कसाना मूल रूप से गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र के विस्तार गांव का रहने वाला है। वह बचपन से दादरी कोतवाली के रिठौरी गांव में अपने मामा के साथ रहता था। इसी दौरान वह आईएस-298 गैंग का सदस्य बना। बाद में इसका लीडर बन गया। वर्तमान में दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है।
अनिल भाटी कोई और नहीं बल्कि कुख्यात सुंदर भाटी का ही भतीजा है। सुंदर भाटी के जेल से बाहर आने के कुछ दिनों बाद ही अनिल भाटी भी बाहर आ गया। बताया जाता है कि अनिल भाटी स्क्रैप का काला कारोबार करता है। रवि काना के जेल जाने के बाद अनिल भाटी स्क्रैप के कारोबार में सक्रिय हो गया है।
मनोज आसे मूल रूप से इमलिया गांव का रहने वाला है। वेस्ट यूपी की अपराधिक दुनिया में उसका बड़ा नाम है। मनोज आसे को सुंदर भाटी का विरोधी बताया जाता है। मनोज आसे के खिलाफ 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और योगी आदित्यनाथ की अपराधिक सूची में शामिल है। अप्रैल 2023 में मनोज के ऊपर एक लाख का इनाम रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने उसको मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। वैसे तो कागजों में मनोज आसे किसान है, लेकिन उसका उत्तराखंड में एक आलीशान होटल है। जिसकी देखरेख उसका भांजा करता है।
Location : Noida
Published : 23 May 2026, 9:01 AM IST