
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Img : pinterest)
प्रयागराज : राजस्व विवाद से जुड़े आपराधिक मामले में आरोपी प्रभात कुमार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है, जबकि शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने यह आदेश एफआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
प्रयागराज निवासी प्रभात कुमार के खिलाफ लालापुर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी समेत कई आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में एफआईआर को रद्द करने के साथ गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने की। याची की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जिस घटनाक्रम के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई, उसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 38(2) के तहत राजस्व न्यायालय के एक आदेश से हुई।
याची के अधिवक्ता के मुताबिक, राजस्व न्यायालय ने 19 जून को एकपक्षीय आदेश पारित किया था। इसी आदेश के बाद आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया। याची ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सक्षम राजस्व न्यायालय में अपील पहले ही दाखिल कर रखी है।
अधिवक्ता ने दलील दी कि जब मूल राजस्व विवाद अभी न्यायिक प्रक्रिया में है, ऐसे में उसके आधार पर आपराधिक कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर दुर्भावना से प्रेरित है और लंबित विवाद के निपटारे को प्रभावित करने के साथ समझौते के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है।
याची की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सलीब उर्फ शालू उर्फ सलीम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया गया। दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचार योग्य माना।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक या पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक, प्रभात कुमार को गिरफ्तार न किया जाए। साथ ही राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है। शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया गया है। अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार का जवाब आने के बाद कोर्ट आगे की स्थिति तय करेगा।
Location : Prayagraj
Published : 9 September 2026, 4:07 PM IST