
अखिलेश यादव (Img: Google)
Noida : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर कटघरे में है। नोएडा में मजदूरों के उग्र आंदोलन को “नक्सलवाद” से जोड़ने वाला बयान सरकार के लिए ही भारी पड़ता दिख रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सत्ता मजदूरों की पीड़ा समझने में नाकाम रही है और अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं?
नोएडा इस वक्त तनाव की आग में झुलस रहा है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों मजदूरों का गुस्सा बेकाबू हो चुका है। शहर में शुरू हुई हिंसा और आगजनी की घटनाएं दावों की हकीकत उजागर कर रही हैं। लेकिन हालात संभालने के बजाय सियासी बयानबाजी ने आग में घी डालने का काम किया है।
Akhilesh Yadav ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नियत आरक्षण देने की नहीं है। उन्होंने आरक्षण को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक मुद्दा बताया।#AkhileshYadav #Reservation #UPPolitics #PoliticalNews @yadavakhilesh @samajwadiparty pic.twitter.com/iKGgadyT5j
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 13, 2026
इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे आंदोलन को भाजपा की नीतियों की विफलता बताते हुए कहा कि सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है। मजदूर और वेतनभोगी वर्ग लगातार शोषण का शिकार हो रहा है। बढ़ती महंगाई और कम वेतन ने आम परिवारों की स्थिति और भी बदहाल कर दी है।
नोएडा आंदोलन को साजिश और नक्सल प्रभाव बताने वाले बयान पर अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि अगर सरकार से प्रदेश नहीं संभल रहा है तो ससम्मान गद्दी छोड़ देनी चाहिए, नहीं तो जनता खुद सत्ता से उतार देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का डबल इंजन अब जनता के लिए ट्रबल इंजन बन चुका है और समय आने पर जनता इसके पहिए खोलकर इसे हमेशा के लिए कबाड़ में भेज देगी।
Location : Noida
Published : 13 April 2026, 6:09 PM IST