अजय पाल शर्मा के पर्यवेक्षक बनाए जाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

बंगाल चुनाव में आईपीएस अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बनाए जाने पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने अजय पाल शर्मा की तैनाती को लोकतंत्र के खिलाफ बताया और जांच की चेतावनी दी। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है और सियासी घमासान बढ़ गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 April 2026, 11:40 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पुलिस पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए 11 अधिकारियों की तैनाती की है, जिसमें यूपी पुलिस के चर्चित अधिकारी अजय पाल शर्मा का नाम भी शामिल है। वर्तमान में उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले में पर्यवेक्षक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

अजय पाल शर्मा का एक्शन मोड

बंगाल में तैनाती के बाद अजय पाल शर्मा एक्शन मोड में नजर आए। दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस नेता और प्रत्याशी जहांगीर खान के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में उन्हें वोटरों को धमकाने के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए देखा गया, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।

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अखिलेश यादव का बड़ा हमला

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आईपीएस अजय पाल शर्मा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें "लोकतंत्र का अपराधी" तक कह दिया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने "एजेंट" चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भेजे हैं, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि "दीदी हैं, दीदी रहेंगी", और पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है। अखिलेश यादव ने यह बयान देकर साफ किया कि वह तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के पक्ष में माहौल बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट और चेतावनी

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए अधिकारियों को चेतावनी भी दी। उन्होंने लिखा कि समय आने पर ऐसे "एजेंटों" की पूरी जांच होगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ये लोग लोकतंत्र के भीतर "अवैध रूप से काम करने वाले नेटवर्क का हिस्सा" हैं और इन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश ने यह भी कहा कि "न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे" और सभी को कानूनी सजा दिलाई जाएगी।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ है जिसमें अजय पाल शर्मा को टीएमसी नेता जहांगीर खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते देखा गया। जहांगीर खान पर वोटरों को धमकाने और पहले भाजपा नेता जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के आरोप भी लगे थे।

वीडियो में अजय पाल शर्मा चुनावी माहौल में वोटरों को धमकाने के मामलों पर सख्त कार्रवाई की बात करते नजर आते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर किसी ने लोगों को डराने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जहांगीर खान पर आरोप

टीएमसी नेता जहांगीर खान पर आरोप है कि उन्होंने वोटरों को डराने-धमकाने की कोशिश की थी। इसके अलावा उन पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के काफिले पर पत्थरबाजी कराने का भी आरोप है। इन्हीं घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पर्यवेक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई।

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चुनाव आयोग की भूमिका

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। अजय पाल शर्मा भी इसी प्रक्रिया के तहत तैनात किए गए हैं जो फिलहाल दक्षिण 24 परगना में कानून व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

पूरे मामले ने यूपी और बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां अखिलेश यादव ने कड़े आरोप लगाए हैं वहीं दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई और चुनावी सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।

Location :  Lucknow

Published :  28 April 2026, 11:40 AM IST