UP Universities में लागू होगी AI नीति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सुरक्षित इस्तेमाल पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में जल्द आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लागू करने की घोषणा की है। इसके लिए AI Policy Advisory Committee और AI Policy Implementation Committee का गठन किया गया है। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से AI को रचनात्मक तरीके से अपनाने की अपील की और इसके सुरक्षित उपयोग को जरूरी बताया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 September 2026, 11:20 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द ही AI को लागू किया जाएगा। इसके लिए सरकार और विश्वविद्यालय स्तर पर रणनीति तैयार की जा रही है।

राज्यपाल ने बताया कि AI के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दो समितियों का गठन किया गया है। इनमें पहली AI Policy Advisory Committee है, जो नीति निर्माण और सुझाव देने का काम करेगी, जबकि दूसरी AI Policy Implementation Committee विश्वविद्यालयों में इसके इस्तेमाल को लागू करने की दिशा में काम करेगी।

AI से डरने की जरूरत नहीं, रचनाकार बनने की जरूरत: राज्यपाल

कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में आयोजित AI मंथन कार्यक्रम में शामिल हुईं आनंदीबेन पटेल ने AI की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि AI से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे समझकर सही दिशा में इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल AI का उपयोगकर्ता नहीं बल्कि इसके रचनाकार बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। AI के माध्यम से प्रदेश को और सक्षम बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तकनीक का जिम्मेदारी और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल जरूरी है।

स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक में AI के उपयोग पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि CSJMU में स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण मंथन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सात लाख से अधिक छात्रों ने AI से जुड़े पाठ्यक्रम पूरे किए हैं।

उन्होंने कहा कि AI को हर विषय से जोड़ा जाना चाहिए। विज्ञान, साहित्य और भाषाओं जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। छात्रों को AI को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसका व्यावहारिक प्रयोग कर समाज के लिए उपयोगी समाधान तैयार करने चाहिए।

किसानों, दिव्यांगों और मरीजों के लिए AI मॉडल बनाने की अपील

आनंदीबेन पटेल ने छात्रों से अपील की कि वे AI के ऐसे मॉडल तैयार करें, जो आम लोगों की समस्याओं को हल कर सकें। उन्होंने कहा कि AI की मदद से किसानों को सिंचाई संबंधी जानकारी, मरीजों को स्वास्थ्य रिपोर्ट और दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और उसे सुरक्षित रखने में भी AI की भूमिका पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि तकनीक के माध्यम से देश की विरासत को संरक्षित करने के नए रास्ते खोजे जा सकते हैं।

विश्वविद्यालयों में AI ट्रेनिंग और साइबर सुरक्षा पर जोर

राज्यपाल ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक कार्यों में भी AI के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को AI के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी दी जानी चाहिए ताकि वे भविष्य की तकनीक के लिए तैयार हो सकें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों को AI का प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। राज्यपाल ने कहा कि AI आधारित शिक्षा व्यवस्था से छात्रों को नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

Location :  Lucknow

Published :  14 September 2026, 11:20 AM IST