“वो फर्श तोड़कर बाहर आ जाएगा…” कत्ल के बाद कातिल पत्नी की रातों की नींद उड़ाने वाले आगरा के ‘बाथरूम मर्डर’ की खौफनाक कहानी

आगरा में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात! शादी की सालगिरह से ठीक 15 दिन पहले पत्नी ने नशेड़ी पति को खीर में नींद की गोली देकर मार डाला और लाश को बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया। आखिर क्या था वो 'भरतपुर कांड' जिसने एक मां को कातिल बना दिया? जानिए इस खौफनाक मर्डर की पूरी स्टोरी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 July 2026, 1:32 PM IST

Agra: ताजनगरी आगरा में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक पत्नी ने अपनी शादी की 16वीं सालगिरह से ठीक 15 दिन पहले अपने ही पति सुरेंद्र कुमार शर्मा (44 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी और उसकी लाश को घर के ही बाथरूम में दफना दिया। पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी पत्नी रूबी ने पूछताछ में जो राज उगले हैं, वे किसी कप्पा (क्राइम) थ्रिलर से कम नहीं हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्या था वो 'भरतपुर कांड' जिसने रूबी के भीतर छिपे गुस्से के ज्वालामुखी को भड़का दिया।

धोखे की बुनियाद और नरक बनी जिंदगी

रूबी ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र के साथ उसकी शादी एक बड़े धोखे की बुनियाद पर टिकी थी। शादी से पहले रूबी को बताया गया था कि सुरेंद्र कंप्यूटर का काम करता है, लेकिन हकीकत में वह बेरोजगार और चरम स्तर का नशेबाज निकला। इतना ही नहीं, सुरेंद्र का शादी से पहले किसी अन्य युवती के साथ अफेयर भी था, जिसके मैसेज रूबी ने उसके फोन पर देखे थे। जब रूबी ने इसका विरोध किया, तो सुरेंद्र ने उसकी बेरहमी से पिटाई की।

समय के साथ सुरेंद्र की प्रताड़ना बढ़ती गई। साल 2012 में ससुर की मौत के बाद आवास विकास कॉलोनी का मकान भी बिक गया। घर का खर्च चलाने और अपनी दो बेटियों (14 वर्षीय प्राची और छोटी बेटी सिद्धि) को पालने के लिए रूबी दिन-रात सिलाई का काम करती थी। लेकिन सुरेंद्र रूबी की मेहनत की कमाई छीन लेता था और ससुर के बाद पिता की मिलने वाली पेंशन को भी शराब में उड़ा देता था।

“बाथरूम में दो फीट नीचे हैं पति, जाकर बात कर लो…” जिस फर्श के नीचे सड़ रही थी लाश, वहीं रोज नहाती रही पत्नी, ऐसे खुला खौफनाक राज

क्या था 'भरतपुर कांड' जिसने लिखी सुरेंद्र की मौत की पटकथा?

रूबी के मुताबिक, सुरेंद्र सिर्फ घर में ही नहीं बल्कि बाहर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता था। उसकी किसी रिश्तेदार से भी नहीं बनती थी। बीते 16 मई को सुरेंद्र राजस्थान के भरतपुर में रहने वाले अपने मामा के घर गया था। वहां उसने जमकर उत्पात और बवाल मचाया। सुरेंद्र की बदतमीजी से तंग आकर वहां के लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

भरतपुर में पिटने के बाद जब सुरेंद्र वापस आगरा अपने घर लौटा, तो उसने वहां का पूरा गुस्सा रूबी पर निकाल दिया। उसने रूबी की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि रूबी का सब्र का बांध टूट गया। 'भरतपुर कांड' के बाद रूबी को यह अहसास हो गया कि इस इंसान का जिंदा रहना अब उसके और उसके बच्चों के लिए ठीक नहीं है। इसी खौफनाक मोड़ पर उसने सुरेंद्र को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

खीर में नींद की गोलियां और बाथरूम में दफन हुआ 'राज'

साजिश के तहत रूबी ने सबसे पहले अपनी दोनों बेटियों को अपने जेठ अनिल शर्मा के घर भेज दिया ताकि रास्ते में कोई रुकावट न आए। इसके बाद उसने सुरेंद्र के लिए खीर बनाई और उसमें भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दीं। खीर खाते ही सुरेंद्र बेसुध हो गया। पति को बेसुध हालत में देख रूबी ने उसकी हत्या कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद रूबी ने सुरेंद्र की लाश को अपने ही घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर दफना दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए उसने अगले ही दिन राजमिस्त्री को बुलाया और गड्ढे के ऊपर पक्का फर्श (टाईल्स/कंक्रीट) बनवा दिया। जब भी परिवार या जेठ सुरेंद्र के बारे में पूछते, तो रूबी बेहद शातिर तरीके से कहती कि वह किसी काम से बाहर गए हैं और जल्द ही लौट आएंगे।

जेठ का शक और रातों की गायब हुई नींद

सुरेंद्र के काफी दिनों तक लापता रहने पर उसके भाई (रूबी के जेठ) को रूबी की हरकतों पर शक हुआ। शक गहराने पर जेठ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो रूबी टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

Blind Murder Case: आगरा ब्लाइंड मर्डर की सुलझी गुत्थी, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

रूबी ने पुलिस को बताया कि पति की हत्या करने के बाद से उसकी रातों की नींद गायब हो चुकी थी। उसे हर वक्त ऐसा डर सताता था कि जैसे उसका पति बाथरूम का फर्श तोड़कर बाहर निकल रहा हो और उसकी तरफ आ रहा हो।

सलाखों के पीछे मां, अब बेटियों का क्या होगा?

फिलहाल रूबी पुलिस की गिरफ्त में है और जेल की सलाखों के पीछे अपने कर्मों की सजा भुगत रही है। सुरेंद्र की हत्या के बाद अब उनकी दोनों बेटियां—8वीं में पढ़ने वाली प्राची और चौथी में पढ़ने वाली सिद्धि- अपने ताऊ अनिल शर्मा के पास हैं। रूबी ने बताया कि उसके मायके (ननिहाल पक्ष) से बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने वाला कोई नहीं है। जेल में बंद रूबी को अब इस बात की चिंता खाए जा रही है कि उसके किए की सजा उसकी मासूम बेटियों को भुगतनी पड़ रही है और उसके बिना उनकी परवरिश कैसे होगी।

Location :  Agra

Published :  8 July 2026, 1:32 PM IST