यूपी के बदायूं में सोमवार को प्रशासन ने दो अफसरों की गोली मारकर हत्या मामले में बड़ा एक्शन लिया है। प्रशासन ने आरोपी के आवास पर नोटिस चस्पा किया है।

बदायूं में प्रशासन सख्त
Badaun: जनपद में सोमवार को दिन दहाड़े हुई दो अफसरों की गोली मारकर हत्या मामले में प्रशासन ने सख़्त एक्शन लिया। प्रशासन ने हत्यारोपी के घर पर नोटिस चस्पा किया है। जानकारी के अनुसार हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह के घर पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रामीणों ने ऑफ कैमरा बताया कि प्रशासन जान बूझकर कार्यवाही में देरी कर रहा है। प्रशासन इसलिए छूट दे रहा ताकि हत्यारोपी कोर्ट से स्टे ला सके और कार्यवाही से बच सके। क्योंकि हत्यारोपी बहुत ही राजनैतिक और रसूखदार व्यक्ति है।
गांव में उसका आतंक है कोई भी व्यक्ति उसके और उसके परिवार के सामने बोलने की हिमाकत नहीं कर सकता। टीम ने हत्यारोपी अजय प्रताप के पड़ोसियों से भी बात की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
गौरतलब है कि बदायूं के दातागंज क्षेत्र में गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या की गई।
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गुरुवार रात को करीब दो बजे तक दोनों के पोस्टमॉर्टम किया गया। दोनों अधिकारियों को करीब दस कदम दूरी से ही गोली मारी गई। सुधीर गुप्ता को दो तो हर्षित मिश्रा को एक गोली लगी, जिससे दोनों की मौत होना पाया गया है। गोली 315 बोर के तमंचे से ही मारे जाने की पुष्टि हुई।
एफआईआर दर्ज कराने वाले कंपनी के जूनियर एक्जीक्यूटिव जोशान घटना के समय अपने कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब दो बजे प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को इधर-उधर भागते देखा।
पूछने पर पता चला कि मीटिंग हॉल में गोलियां चल गई हैं। यह सुनकर वह मीटिंग हॉल की तरफ गए तो बाहर की ओर एचसीपीएल के अधिकारी लोकेश कुमार मिले।
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उन्होंने बताया कि हम सब लोग मीटिंग कर रहे थे कि तभी सैजनी निवासी अजय प्रताप सिंह ने सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा को गोली मार दी और कंपनी की गाड़ी से भाग गया। बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले जीशान ने बताया कि उनके पास हर्षित मिश्रा के पिता का मोबाइल फोन नंबर था, इसलिए सबसे पहले उन्हें ही कॉल की और हादसे होना बताया। दोबारा कॉल कर गोली मारे जाने की जानकारी दे दी।