चैत्र नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा हैं। वहीं मूसाझाग थाना क्षेत्र के श्रद्धालुओं की मुश्किल बढ़ गई है। माता के भक्तों को पूजा-अर्चना के लिए कठिन डगर से होकर गुजरना पड़ रहा है।

बदायूं में श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा
Budaun: चैत्र नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। आज चैत्र नवरात्र का पहला दिन है। नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यूपी के बदायूं जिले में भी चैत्र नवरात्र को लेकर भक्तों में उमंग दिखा। वहीं एक और जहां मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मचलई में नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्त मंदिर के निकले ही थे कि गांव के रास्तों ने परेशान कर दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, गांव के मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा है, जिसके कारण भक्तों को पूजा-अर्चना के लिए कीचड़ में होकर मंदिर तक जाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान मोहम्मद तारिक ने अपने पाँच वर्ष के कार्यकाल में बहुसंख्यक (हिंदू) आबादी वाले हिस्से में कोई विकास कार्य नहीं कराया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान अल्पसंख्यक समुदाय से होने के कारण विकास कार्यों को केवल अल्पसंख्यक मोहल्लों तक सीमित रखते हैं, जबकि बहुसंख्यक क्षेत्र उपेक्षित रहा है। इस “भेदभावपूर्ण रवैये” को लेकर गांव के बहुसंख्यक वर्ग में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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नवरात्रि शुरू होते ही समस्या और विकट हो गई। मंदिर तक जाने के लिए पक्का रास्ता न होने से श्रद्धालुओं—विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों—को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए मिट्टी और मलबा डालकर अस्थायी रास्ता तैयार किया। इस दौरान बनाए गए वीडियो में युवक मंदिर की ओर जाने वाले कच्चे मार्ग पर मिट्टी बिछाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का भी गांव के बुनियादी विकास कार्यों पर ध्यान नहीं है। त्योहार के समय भी यदि हमें खुद ही रास्ता बनाना पड़े तो विकास के दावे खोखले लगते हैं।
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एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा कि लोगों की मांग है कि मंदिर तक जाने वाले मार्ग को तत्काल दुरुस्त किया जाए और पूरे गांव में समान रूप से विकास कार्य कराए जाएं, ताकि आस्था के साथ-साथ नागरिक सुविधाएँ भी सुरक्षित रह सकें।