गोरखपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.45 लाख की ठगी, बेरोजगार युवाओं को बना रहा था शिकार, आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5.45 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को झंगहा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर युवक को झांसा दिया था।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 25 February 2026, 11:33 PM IST

Gorakhpur: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाने वाले ठगों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने यह साफ कर दिया कि कैसे कुछ लोग नौकरी की चाहत का फायदा उठाकर लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। थाना झंगहा क्षेत्र में दर्ज मुकदमे में वांछित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 5,45,000 रुपये ठग लिए थे। मामला गोरखपुर जिले का है।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर धोखाधड़ी के मामलों में सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा के पर्यवेक्षण में थाना झंगहा के थानाध्यक्ष अनूप सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त चन्द्रशेखर राजभर पुत्र शिवराज राजभर निवासी शिवपुरा कौड़िपुरा, थाना चौरीचौरा को गिरफ्तार किया।

फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी

थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि आरोपी ने वादी को भरोसा दिलाया कि उसकी सरकारी विभाग में पक्की नौकरी लगवा देगा। इसी झांसे में लेकर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 5,45,000 रुपये ले लिए। विश्वास जमाने के लिए आरोपी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब काफी समय तक नियुक्ति की कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और दस्तावेजों पर शक हुआ, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने थाना झंगहा में तहरीर दी, जिसके आधार पर मु0अ0सं0 511/2025 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस टीम की सक्रियता से गिरफ्तारी

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष अनूप सिंह, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार राम, हेड कांस्टेबल अजीत सिंह और कांस्टेबल राघवेन्द्र सिंह शामिल रहे।

बेरोजगारों को बना रहा था निशाना

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को टारगेट करता था और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का लालच देता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी तो नहीं की। फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी या किसी भी सरकारी कार्य के नाम पर पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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  • Gorakhpur

Published : 
  • 25 February 2026, 11:33 PM IST