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योगी सरकार में यूपी पुलिस की मानवीय पहल (IMG: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश पुलिस अब केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए भी तकनीक और तत्परता का सहारा ले रही है। सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर समय रहते कार्रवाई कर यूपी पुलिस ने एक जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच 4 हजार से अधिक लोगों को आत्मघाती कदम उठाने से बचाया है। मेटा कंपनी से मिलने वाले अलर्ट और स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने कई मामलों में लोगों को समय पर मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य संकट में फंसे व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचना और उसे सुरक्षित करना है। सोशल मीडिया से मिले अलर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय संबंधित क्षेत्र की पुलिस को सूचना देता है। स्थानीय टीम मौके पर पहुंचकर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उसकी बात सुनने और जरूरत के मुताबिक परिजनों की मदद से उसे भावनात्मक सहारा देने का प्रयास करती है। लखनऊ और गाजियाबाद में सामने आए दो हालिया मामले इस व्यवस्था की उपयोगिता को दर्शाते हैं।
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लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय वैवाहिक विवाद को लेकर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट किया। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सआदतगंज थाने की टीम करीब 10 मिनट में युवक तक पहुंच गई। नदी में कूदने की आशंका के बीच पुलिस ने उसे सुरक्षित किया।
गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया। यहां 24 वर्षीय युवक आर्थिक तंगी से परेशान था। घर का खर्च पूरा नहीं कर पाने के कारण वह मानसिक तनाव में था और उसने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित संदेश पोस्ट किया। मेटा से अलर्ट मिलने पर पुलिस मुख्यालय ने स्थानीय पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम महज आठ मिनट में युवक के घर पहुंच गई। कमरे में फंदा दिखाई देने पर पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर युवक को सुरक्षित किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। मेटा अलर्ट व्यवस्था इसका उदाहरण है, जिसमें सोशल मीडिया पर सामने आए संकट के संकेत को पुलिस की जमीनी कार्रवाई से जोड़ा गया है। इस पहल के लिए यूपी पुलिस को एसकेओसीएच अवॉर्ड-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स जीओवी अवॉर्ड्स-2026 से सम्मानित किया जा चुका है। सोशल मीडिया अलर्ट पर त्वरित प्रतिक्रिया, स्थानीय पुलिस की सक्रियता और जरूरतमंदों को भावनात्मक सहारा देने की कोशिश इस व्यवस्था के प्रमुख पहलू हैं।
Location : Lucknow
Published : 21 October 2026, 3:08 PM IST