महराजगंज के धोतियहवा गांव में एक गरीब परिवार पिता के निधन के बाद गहरी आर्थिक परेशानी से जूझ रहा है। परिवार में चार बेटियां, पत्नी और बुजुर्ग मां हैं। इसी बीच 26 मार्च को बेटी की शादी तय है लेकिन इंतजाम के लिए पैसे नहीं हैं। समाजसेवियों की मदद से 16,020 रुपये जुटाए गए हैं। परिवार को अभी भी समाज और प्रशासन से सहयोग की उम्मीद है।

समाजसेवियों ने बढ़ाया हाथ
Maharajganj: धोतियहवा गांव से एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है। समाज और सिस्टम दोनों को आईना दिखाती है। घर के मुखिया के गुजर जाने के बाद एक परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। चार बेटियों, पत्नी और बुजुर्ग मां के साथ रह रहा यह परिवार आज दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष कर रहा है। इसी बीच परिवार की एक बेटी की शादी 26 मार्च को तय है लेकिन आर्थिक तंगी इतनी गहरी है कि शादी की तैयारी करना भी परिवार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
यूसुफ अली का कुछ समय पहले निधन हो गया। उनके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में अब उनकी पत्नी, बुजुर्ग मां और चार बेटियां ही रह गई हैं। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है और न ही कोई ऐसा व्यक्ति है जो कमाकर परिवार की जिम्मेदारी उठा सके। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि परिवार को कई बार रोजमर्रा के भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाता है। आज अगर किसी तरह खाने का इंतजाम हो जाता है तो कल की चिंता उनके चेहरों पर साफ दिखाई देती है।
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इसी मुश्किल दौर के बीच परिवार की एक बेटी की शादी तय हो गई है। यह शादी ईद के बाद 26 मार्च को होनी है। लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि शादी के जरूरी इंतजाम करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। परिवार के पास न तो बचत है और न ही कोई सहारा। पिता के साये के बिना बेटियों के भविष्य की चिंता परिवार को लगातार परेशान कर रही है।
जब इस परिवार की स्थिति की जानकारी गांव और आसपास के लोगों को हुई तो कुछ सामाजिक लोगों ने मदद के लिए कदम आगे बढ़ाए। समाजसेवी यूनुस खान ने इस मामले को सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया और जरूरतमंद परिवार के लिए मदद की अपील की। उनकी इस पहल का असर भी देखने को मिला। असरद और अभिषेक सहित कुछ लोगों ने मिलकर 16,020 रुपये की राशि इकट्ठा की और इसे पीड़ित परिवार को सौंप दिया। जिससे शादी की तैयारियों में थोड़ी मदद मिल सके।
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हालांकि यह मदद परिवार के लिए राहत जरूर है लेकिन जरूरत अभी भी बहुत ज्यादा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार की तरफ से गरीबों के लिए चलाई जा रही आवास योजनाओं का लाभ भी इस परिवार को अब तक नहीं मिल पाया है। जबकि परिवार पूरी तरह पात्र और जरूरतमंद बताया जा रहा है।