इलाज के अभाव में युवती ने दम तोड़ा, न स्ट्रेचर मिला न एम्बुलेंस, भाई को कंधे पर ढोना पड़ा शव
बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंसानियत और मानवता का घिनौना चेहरा सामने आया। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तमाम दावों पर करारा तमाचा है। इलाज की आस में पहुंची एक युवती ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, लेकिन मौत के बाद भी उसे सम्मानजनक तरीके से ले जाने की सुविधा नसीब नहीं हुई। न स्ट्रेचर मिला, न व्हीलचेयर और न एम्बुलेंस।