OTP Format: फोन की स्क्रीन पर नहीं दिखेगा OTP! साइबर ठगी रोकने के लिए TRAI की बड़ी तैयारी

TRAI ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए OTP सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब बैंक और डिजिटल कंपनियां एक तय फॉर्मेट में OTP भेजेंगी, जिसमें उद्देश्य और वैधता साफ होगी। साथ ही, मैसेज प्रीव्यू में OTP नहीं दिखेगा, जिससे तांक-झांक करने वाले इसे चुरा नहीं पाएंगे।

Updated : 21 October 2026, 9:46 AM IST
google-preferred

New Delhi: डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) के मामलों को रोकने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) एक सख्त और सुरक्षित व्यवस्था लागू करने जा रहा है। अक्सर लोग फोन पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को पूरा पढ़े बिना केवल अंक देखकर आगे बढ़ जाते हैं, और साइबर ठग इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इस प्रकार के फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए TRAI अब OTP के मैसेज फॉर्मेट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।

तय फॉर्मेट में आएंगे मैसेज, उद्देश्य और समय-सीमा होगी स्पष्ट

TRAI की इस नई योजना के तहत बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियां और अन्य सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को एक निश्चित और तय ढांचे (Format) में ही OTP भेजने होंगे। इस नए फॉर्मेट से उपभोक्ताओं को यह बिल्कुल साफ पता चल जाएगा कि भेजा गया कोड किस उद्देश्य के लिए है-

Tech News: WhatsApp का बड़ा फैसला, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आया नया फीचर… जानिए फायदे और खतरे

क्या यह कोड किसी अकाउंट लॉगिन के लिए है?

क्या यह किसी पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए है?

या फिर यह किसी अन्य कार्य के लिए भेजा गया है?

इसके अलावा, मैसेज भेजने वाली कंपनी को अपनी असली पहचान के साथ-साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि वह कोड कितनी देर यानी कितने समय के लिए वैध (Valid) रहेगा।

मैसेज प्रीव्यू में नहीं दिखेगा OTP, तांक-झांक से मिलेगी सुरक्षा

TRAI इस महत्वपूर्ण पहल के तहत इस विचार पर भी काम कर रहा है कि OTP को मोबाइल स्क्रीन के मैसेज प्रीव्यू (Notification Preview) में न दिखाया जाए। इससे फायदा यह होगा कि फोन की स्क्रीन पर नजर रखने वाले या तांक-झांक करने वाले लोग आपका OTP नहीं चुरा सकेंगे। इसके बाद उपयोगकर्ताओं को मैसेज के अंदर जाकर पूरी जानकारी पढ़नी होगी, जिससे वे सोच-समझकर यह तय कर सकें कि उन्हें उस OTP का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

Tech News: Oppo ने लॉन्च किए ये दो नए फोन, जानिए कीमत और पूरी डिटेल

जागरूकता ही साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा कवच

भले ही TRAI और अन्य संस्थाएं ग्राहकों की सुरक्षा के लिए इस तरह के तकनीकी और छोटे-छोटे बदलाव समय-समय पर लाती रहें, लेकिन अंत में सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि आप डिजिटल लेन-देन को लेकर कितने सतर्क और जागरूक हैं।

यदि आप अनजान लोगों के साथ अपना OTP कभी साझा नहीं करते हैं और किसी भी सेवा का उपयोग करने से पहले उस मैसेज को ध्यान से पढ़ते हैं, तो आप काफी हद तक साइबर धोखाधड़ी के खतरे को टाल सकते हैं। इसके बावजूद यदि आपको कभी बैंक या किसी पेमेंट ऐप से अचानक कोई संदिग्ध OTP प्राप्त होता है, तो बिना देर किए अपना खाता तुरंत चेक करें और आवश्यकता महसूस होने पर अपने पेमेंट्स व खातों को तुरंत ब्लॉक करवा दें।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 9:46 AM IST

Advertisement