अनजान कॉल से नहीं होगा कन्फ्यूजन, BSNL ला रहा नया फीचर; अब एक क्लिक में पढ़ें ताजा अपडेट

BSNL जल्द ही अपने यूजर्स के लिए CNAP सर्विस लॉन्च करने जा रहा है। इस सर्विस के जरिए यूजर्स अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर कॉलर का नाम देख सकेंगे। कंपनी ने सॉल्यूशन डिप्लॉय कर दिया है और फिलहाल इंटीग्रेशन का काम चल रहा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 25 March 2026, 2:18 PM IST
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New Delhi: सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक सरकारी भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर है। कंपनी अब यूजर्स के लिए कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सर्विस लाने पर काम कर रही है। BSNL ने पहले ही सॉल्यूशन डिप्लॉय कर दिया है और अब यह इंटीग्रेशन फेज में है।

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने बताया कि रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) इस तरह की सर्विस पहले ही शुरू कर चुके हैं। BSNL के लिए सॉल्यूशन तैयार है और अब इसे जोन के हिसाब से इंटीग्रेट किया जा रहा है। इंटीग्रेशन में अभी कुछ समय लगेगा।

कब तक होगी सर्विस लाइव?

एग्जीक्यूटिव के अनुसार, इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद 3 से 4 महीने के अंदर बीएसएनएल के लिए CNAP का पूरा रोलआउट हो जाएगा। CNAP सर्विस लाइव होने के बाद कस्टमर यह देख पाएंगे कि उन्हें कौन कॉल कर रहा है। भले ही कॉलर का नंबर उनके फोन में सेव न हो। प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स पहले ही इस तरह की सर्विस शुरू कर चुके हैं।

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कॉलर नेम प्रेजेंटेशन सर्विस कैसे काम करती है?

कॉलर नेम प्रेजेंटेशन सर्विस कुछ हद तक Truecaller जैसी है। हालांकि, इसमें एक बड़ा अंतर है। CNAP सर्विस KYC प्रोसेस के दौरान इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित होती है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स के पास जो रिकॉर्ड होते हैं, उसी से कॉलर का नाम दिखाया जाता है। यानी यह नाम यूजर ने SIM कार्ड लेते समय दिया होता है, वही स्क्रीन पर दिखाई देता है। इस वजह से यह सर्विस ज्यादा सटीक जानकारी देती है।

Truecaller से कैसे अलग है CNAP?

Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन क्राउडसोर्स्ड डेटा के जरिए काम करते हैं। यानी, यूजर्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर नाम दिखाया जाता है। यह कई बार गलत भी हो सकता है। वहीं, CNAP में टेलीकॉम कंपनियों के आधिकारिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल होता है, जिससे जानकारी अधिक भरोसेमंद होती है।

क्यों लाई जा रही है यह सर्विस?

स्पैम कॉल और स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए CNAP सर्विस शुरू करने का फैसला लिया गया है। हाल के समय में डिजिटल फ्रॉड और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों में लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में CNAP सर्विस यूजर्स को कॉलर की सही पहचान जानने में मदद करेगी और फ्रॉड से बचाव में सहायक हो सकती है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 25 March 2026, 2:18 PM IST

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