ब्यूटी, फैशन और लाइफस्टाइल रील्स क्यों बनी भारतीय यूजर्स की पहली पसंद, नई रिपोर्ट का खुलासा

2026 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भारतीय इंस्टाग्राम रील्स पर ब्यूटी, फैशन और लाइफस्टाइल कंटेंट सबसे ज्यादा देख रहे हैं। Gen Z, ग्रामीण यूजर्स और ब्रांड डिस्कवरी में रील्स का बड़ा असर है, जो खरीदारी और डिजिटल ट्रेंड्स को भी तेजी से बदल रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 June 2026, 11:23 AM IST

New Delhi: भारत में शॉर्ट वीडियो कंटेंट का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और इंस्टाग्राम रील्स अब लोगों की डिजिटल लाइफ का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। इसी बीच Meta द्वारा प्रायोजित और रिसर्च एजेंसी IPSOS की नई स्टडी में सामने आया है कि 2026 में भारतीय यूजर्स इंस्टाग्राम रील्स पर किस तरह का कंटेंट सबसे ज्यादा देख रहे हैं। इस अध्ययन में देश के 23 शहरों और ग्रामीण इलाकों के 4,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया।

ब्यूटी और फैशन कंटेंट सबसे आगे

रिपोर्ट के मुताबिक, ब्यूटी, मेकअप, फैशन और लेटेस्ट ट्रेंड्स से जुड़े वीडियो भारतीय दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। सर्वे में शामिल 52 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे नियमित रूप से इस तरह के कंटेंट से जुड़ते हैं। इसके बाद लाइफस्टाइल और फिटनेस वीडियो दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 42 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया।

कॉमेडी कंटेंट को 39 प्रतिशत लोगों ने देखा, जबकि स्पोर्ट्स से जुड़े वीडियो 38 प्रतिशत और ट्रैवल कंटेंट 37 प्रतिशत लोगों के बीच लोकप्रिय रहे। यह दर्शाता है कि मनोरंजन के साथ-साथ उपयोगी और जीवनशैली आधारित कंटेंट की मांग भी लगातार बनी हुई है।

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क्रिएटर्स के लिए सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म

अध्ययन में यह भी दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम रील्स अन्य शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स की तुलना में कंटेंट क्रिएटर्स को लगभग 60 प्रतिशत अधिक एंगेजमेंट देता है। इसका मतलब है कि दर्शक केवल वीडियो देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लाइक, कमेंट और शेयर के जरिए सक्रिय रूप से भागीदारी भी कर रहे हैं।

खरीदारी के फैसलों पर बढ़ता असर

रिपोर्ट के अनुसार, रील्स अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के खरीदारी के निर्णयों को भी प्रभावित कर रहा है। अध्ययन में पाया गया कि 81 प्रतिशत लोगों को नए प्रोडक्ट्स और ब्रांड्स की पहली जानकारी रील्स के जरिए मिलती है।

इसके अलावा, 66 प्रतिशत उपभोक्ता किसी ब्रांड पर विचार करने से पहले उससे जुड़ा कंटेंट रील्स पर देखते हैं। वहीं 47 प्रतिशत लोगों के खरीदारी के अंतिम फैसलों पर भी रील्स का प्रभाव पड़ता है। इससे साफ है कि सोशल मीडिया अब डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स का मजबूत माध्यम बन चुका है।

Gen Z सबसे ज्यादा सक्रिय और प्रभावित

रिपोर्ट में Gen Z को सबसे प्रमुख यूजर ग्रुप के रूप में दिखाया गया है। 84 प्रतिशत Gen Z यूजर्स नए प्रोडक्ट्स और ब्रांड्स की खोज Meta प्लेटफॉर्म्स के जरिए करते हैं। वहीं 89 प्रतिशत Gen Z यूजर्स रोजाना रील्स देखते या उनसे जुड़ते हैं।

यह स्पष्ट करता है कि युवा पीढ़ी के लिए रील्स सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जानकारी और खरीदारी प्रेरणा का मुख्य स्रोत बन चुका है।

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ग्रामीण भारत में भी तेजी से बढ़ता उपयोग

स्टडी में यह भी सामने आया कि अब रील्स का उपयोग केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। 73 प्रतिशत ग्रामीण यूजर्स ने बताया कि उन्होंने नए ब्रांड्स और प्रोडक्ट्स की जानकारी Meta प्लेटफॉर्म्स से प्राप्त की।

शहरी क्षेत्रों में 98 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 94 प्रतिशत लोग रोजाना वीडियो कंटेंट देखते हैं। यह अंतर बहुत कम है, जो दर्शाता है कि डिजिटल कंटेंट अब पूरे भारत में समान रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बड़ा प्रभाव

रिपोर्ट में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भी उल्लेख किया गया है। अध्ययन के अनुसार, नई कारों और वाहन ब्रांड्स की खोज में Meta प्लेटफॉर्म्स की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं कार खरीदने के अंतिम निर्णयों में भी लगभग 50 प्रतिशत प्रभाव रील्स और अन्य वीडियो कंटेंट का देखा गया है।

भारत में वीडियो कंटेंट का बढ़ता प्रभाव

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वीडियो देखने की आदत तेजी से हर वर्ग में फैल रही है। Meta India के अधिकारियों का कहना है कि अब वीडियो कंटेंट केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि Gen Z, महिलाएं और प्रीमियम उपभोक्ता सभी इसमें शामिल हैं। ऐसे में ब्रांड्स के लिए कंटेंट और कॉमर्स को जोड़कर रणनीति बनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।

Location :  New Delhi

Published :  6 June 2026, 11:23 AM IST