
ISRO ने शुरू की अंतरिक्ष में नई यात्रा की तैयारी (Img: AI Generated Image)
New Delhi: भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अब सिर्फ चंद्रमा और दूसरे अंतरिक्ष अभियानों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने बताया कि प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के पहले मॉड्यूल को मंजूरी मिल चुकी है। यानी भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब एक ऐसे पड़ाव की ओर बढ़ रही है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।
अहमदाबाद में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने भारत की भविष्य की अंतरिक्ष योजनाओं को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश की अंतरिक्ष तकनीक अब आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। मौसम और पृथ्वी की निगरानी से लेकर संचार, टेलीविजन, शिक्षा, आपदा चेतावनी और सुरक्षा तक, अंतरिक्ष तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
अब अगला लक्ष्य और बड़ा है। भारत 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी Bharatiya Antariksha Station स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके पहले मॉड्यूल को मंजूरी मिलना इस पूरी योजना में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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भारत ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के साथ दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई गति दी। इसी उपलब्धि की याद में हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाता है।
अब ISRO का ध्यान मानव अंतरिक्ष मिशन पर भी है। Gaganyaan मिशन के जरिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी चल रही है। इसके बाद भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की योजना भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को एक नया स्तर दे सकती है।
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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उनके मुताबिक सरकारी नीतियों से अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में नए अवसर खुल रहे हैं। सैटेलाइट बनाने, पेलोड तैयार करने और लॉन्चिंग जैसी गतिविधियों में भी भारत की क्षमता पहले से बढ़ी है। ऐसे में ISRO के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को और तेजी दे सकती है।
भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम 64 साल पहले शुरू हुआ था। आज देश सैटेलाइट लॉन्चिंग से आगे बढ़कर मानव अंतरिक्ष उड़ान और अपना स्पेस स्टेशन बनाने जैसे बड़े सपनों पर काम कर रहा है।
Location : New Delhi
Published : 23 August 2026, 3:18 PM IST