Internet Revolution: 97% सस्ता हुआ इंटरनेट, 1GB डेटा अब सिर्फ 7.87 रुपये, जानें कैसे बदली देश की डिजिटल तस्वीर

भारत में मोबाइल इंटरनेट की कीमत पिछले एक दशक में 97% तक घट गई है। 2014 में 1GB डेटा 308 रुपये का था, जो 2025 में 7.87 रुपये रह गया। इंटरनेट कनेक्शन 105 करोड़ पार कर चुके हैं और 5G सेवा देश के 99.6% जिलों तक पहुंच चुकी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 June 2026, 2:41 PM IST

New Delhi: देश में इंटरनेट की पहुंच और डिजिटल कनेक्टिविटी ने पिछले एक दशक में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। जहां एक ओर टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज प्लान महंगे होने की चर्चा होती रहती है, वहीं दूसरी ओर आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल इंटरनेट की कीमतों में भारी गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में 1GB मोबाइल डेटा की कीमत करीब 308 रुपये थी, जो दिसंबर 2025 तक घटकर मात्र 7.87 रुपये रह गई है। यानी इस अवधि में इंटरनेट लगभग 97 प्रतिशत सस्ता हो गया है।

इंटरनेट कनेक्शन में चार गुना वृद्धि

न्यू इंडिया समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2014 में देश में इंटरनेट कनेक्शन की संख्या लगभग 25.5 करोड़ थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 105.9 करोड़ पहुंच गई। वहीं मोबाइल कनेक्शन भी 90 करोड़ से बढ़कर 127.3 करोड़ हो गए हैं। इंटरनेट की सस्ती दरों और बेहतर नेटवर्क सुविधाओं ने देश के करोड़ों लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में रिकॉर्ड विस्तार

पीटीआई द्वारा उद्धृत सरकारी दस्तावेज के अनुसार, 2014 में देश में लगभग 6 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, जो 2025 तक बढ़कर करीब 100 करोड़ हो गए। यह लगभग 17 गुना वृद्धि दर्शाता है। सरकार का दावा है कि डिजिटल इंडिया अभियान और दूरसंचार ढांचे के विस्तार ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।

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ग्रामीण भारत को मिला सबसे बड़ा लाभ

रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट डेटा की कम कीमतों का सबसे अधिक फायदा ग्रामीण क्षेत्रों को मिला है। सस्ते डेटा और स्मार्टफोन की बढ़ती उपलब्धता के कारण गांवों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान हुई है।

99.6 फीसदी जिलों तक पहुंची 5G सेवा

देश में नई तकनीक के विस्तार को भी गति मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, 5G सेवाएं अब देश के 99.6 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध हैं। कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए 7.22 लाख किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। इससे हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

मोबाइल निर्यात और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ोतरी

सरकारी दस्तावेज में बताया गया है कि मोबाइल फोन निर्यात 2014 के 1,600 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 2.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा, देश में 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। आधार नामांकन भी 61 करोड़ से बढ़कर 144 करोड़ के पार पहुंच चुका है।

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दुनिया में दूसरे स्थान पर भारत

रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ते डेटा, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और मजबूत दूरसंचार नेटवर्क ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Location :  New Delhi

Published :  13 June 2026, 2:41 PM IST