इंटरनेट बंद होने पर भी ट्रस्टनेट के जरिए होगी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित, जानिए प्रमुख विशेषताएं

महिलाओं की सुरक्षा को मद्दे नज़र रखते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक बेहद आधुनिक ऐप विकसित किया है, जिसके माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पढ़िए पूरी ख़बर..

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 June 2026, 4:24 PM IST

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक में आयोजित प्रोजेक्ट एग्जीबिशन-2026 में छात्राओं ने एक बेहद आधुनिक ट्रस्टनेट एप्लीकेशन विकसित किया है, जो महिलाओं की सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाता है। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नेटवर्क या इंटरनेट बंद होने की आपातकालीन स्थिति में भी यह ऑफलाइन काम करता है और बिना नेट के भी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चत करता है।

संकट और इंटरनेट बंदी में मददगार

अक्सर देखा जाता है कि संकट के समय या संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया जाता है। ऐसे समय में जब महिलाएं किसी मुसीबत में फंसती है, तो उनके लिए पुलिस या परिजनों से संपर्क करना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में ‘ट्रस्टनेट’ ऐप स्मार्टफोन के सामान्य मोबाइल नेटवर्क (GSM) का उपयोग करके ऑफलाइन मोड में काम करता है। इसमें एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो संकट के समय बिना इंटरनेट के भी सीधे ‘एसएमएस’ (SMS) के माध्यम से मदद भेजने में सक्षम है।

कैसे काम करता है ट्रस्टनेट ऐप?

डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग की छात्राओं खुशबू खातून और सूफिया शबनम द्वारा विकसित यह ऐप महिला सुरक्षा के लिए है। यह एप्लीकेशन सामान्य दिनों में इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, लेकिन इंटरनेट न होने की स्थिति में यह ऑफलाइन मोड में स्विच हो जाता है। संकट के समय महिलाओं को केवल एक बटन या पैनिक क्लिक करना होता है। इसके बाद, बिना इंटरनेट के भी यह ऐप पूर्व-निर्धारित आपातकालीन नंबरों पर ऑटोमैटिक मैसेज (SMS) भेज देता है। यह संदेश उस महिला के सटीक लोकेशन के साथ नजदीकी पुलिस स्टेशनों और परिवार के सदस्यों तक पहुंच जाता है, जिससे उन्हें समय पर सहायता प्राप्त हो सके।

ऐप की प्रमुख विशेषताएं

आपातकाल में ऐप खोलने या टाइप करने की आवश्यकता नहीं होती, केवल एक क्लिक से मदद प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है। जब इंटरनेट चालू होता है, तो यह ऐप लाइव लोकेशन साझा करता है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद मददगार साबित होता है। इस ऐप को विशेष रूप से भारतीय परिस्थियों और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर कोडित किया गया है।

एएमयू के छात्रों द्वारा विकसित यह तकनीक महिला सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है। यह एप्लीकेशन यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी तकनीकी बाधा या संचार माध्यमों के बंद होने की स्थिति में भी महिलाओं की सुरक्षा में कोई सेंध न लगे।

Location :  Aligarh

Published :  6 June 2026, 4:24 PM IST