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नई दिल्ली: भारत और रूस के 70 सालों के राजनयिक संबंधों को लेकर तीन दिवसीय 'विजन फॉर फ्यूचर' कार्यक्रम का शानदार उद्घाटन किया गया। जिसके बाद इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इंडो-रसिया यूथ क्लब और ब्रिक्स इंटरनेशनल फोरम के डेलिगेट्स ने एक संयुक्त प्रेस कांन्फ्रेस का आयोजन किया, जिसमें भारत और रूस के भावी संबंधों पर व्यापक चर्चा की गयी। इस मौके पर भारत-रूस के भावी संबंधों में युवाओं से महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने की भी अपील की गयी।

इस मौके पर गैर सरकारी संस्था नेशनल यूथ कांउसिल ऑफ रसिया की चेयरपर्सन ग्रेगोरी वी पेतुशकोव ने कहा कि भारत और रूस के भावी संबंध दोनो देशों के युवाओं पर निर्भर करता है और हम एक दीर्घकालिक विश्व के लिये भारत के युवाओं को इसमें साझेदारी निभाने और मिलकर काम करने के लिये आमंत्रित करते है। उन्होंने कहा कि इसके लिये रूस में हमारे पास एसडीजी यूथ एम्बेसडर का कॉन्सेप्ट है और इसके लिये हम भारत के युवाओं को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं।

इस प्रेस कान्फ्रेंस को रूसी संसद की उपरी सभा के सांसद (सीनेटर) तत्यना रोमानोवना ने भी संबोधित किया, जिन्होंने दोनो देशों के बीच ज्यादा संवाद और साझेदारी को अपनाने की अपील की।
रसियन एंबेसी की सूचना विभाग की प्रमुख ओल्गा दाशेवा ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देश इससे जुड़े सभी राष्ट्रों के भविष्य को मजबूत बनाने में जुटे है इसलिये कल के एक बेहतर विश्व के निर्माण में जुटे इन लोगों के प्रयास को सराहा जाना चाहिये। इस मौके पर ब्रिक्स इंटरनेशनल फोरम के अध्यक्ष पूर्णिमा आनंद, रसियन सेंटर की रोमन चुकोव, समनंथा, दक्षिण अफ्रीका के मोहम्मद इसमेल, ब्राजील के एलेक्जेंडर व कामिला आदि ने भी अपने विचार रखे।
Published : 7 March 2018, 8:43 PM IST
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