
कानपुर: एनकाउंटर और आंकड़ों की हवाबाजी के बीच कानपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में रहने वाले परिवार के बेटे का अपहरण होता है फिर किडनैपर 30 लाख रुपए की मांग करते हैं। पीड़ित परिवार एसपी साउथ और थाना पुलिस के कहने पर मकान और बेटी के शादी के लिए रखे गहने बेच कर पैसा जमा करता है। फिर पुलिसिया पहरे में 30 लाख रुपए किडनैपर्स को बताई जगह पर दे दिये जाते हैं मगर पुलिस को कोई सुराग नही मिलता। आराम से किडनैपर्स पैसे लेकर चंपत हो जाते हैं।
कानपुर एसएसपी 4 दिन के भीतर खुलासा करने के लिए अपनी स्पेशल टीम को लगाते हैं। पीड़ित परिवार के घर पर सभी प्रमुख पार्टियों के नेता सांत्वना देने जाते हैं। मगर जब अपह्लत युवक की मौत की खबर परिवार को मिलती है तो उनके सब्र का पैमाना छलक जाता है। ये वही कानपुर पुलिस है जिसकी लापरवाही से कई पुलिस कर्मचारी शहीद हुये थे। इस घटना के बाद भी पुलिसिया कार्यशैली जस की तस है।
बर्रा अपहरण मामले में पुलिस ने कुल 5 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें एक महिला भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है की मृतक संजीत अपनी सम्पन्नता के बारे में दोस्तों से अक्सर बात करता था। जिसके बाद उसे किडनैप कर मोटी फिरौती वसूलने का ख्याल कुछ दोस्तों के मन में आया। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
इसके पहले पीड़ित परिवार की युवती ने पुलिस पर अपना बयान बदलवाने का भी आरोप लगाया था। इधर पुलिस ने एक प्रेस वार्ता करके कहा है फिरौती की रकम का लेन-देन नहीं हुआ है।
Published : 24 July 2020, 11:20 AM IST
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