
ऋषिकेश: AIIMS ऋषिकेश का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस की एक गाड़ी आरोपी को पकड़ने के लिए अस्पताल की चौथी फ्लोर पर मरीजों से भरी इमरजेंसी वार्ड में घुस गई थी। पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ कर ही दम लिया था।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार अब इमरजेंसी वार्ड में पुलिस की गाड़ी घुसने पर ऋषिकेश एम्स के निदेशक मीनू सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, अस्पताल में एक घटना घटी थी जिसमें महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी को मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई चाहती थी और उन्होंने वार्ड का 'घेराव' कर दिया था। इसी वजह से पुलिस ने आरोपी को बाहर निकालने के लिए कार का इस्तेमाल किया। हमारे बैटरी चालित वाहनों के लिए बनाए गए रैंप का इस्तेमाल पुलिस ने किया। यह एक इमरजेंसी एक्शन था जिसमें कोई भी मरीज घायल नहीं हुआ।
पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने जब अस्पताल पहुंची तो पता लगा की वो चौथी मंजिर पर है। उसे तुरंत पकड़ने के लिए पुलिस जीप लेकर चौथे फ्लोर के इमरजेंसी वार्ड में घुस गई और इस दौरान अस्पताल में मौजूद गार्ड सीटी बजाकर और स्ट्रेचर हटाते हुए गाड़ी के लिए रास्ते बनाते नजर आए। इमरजेंसी वार्ड के अंदर पुलिस की गाड़ी देखकर मरीज के साथ ही लोग भी हैरान हो गए।
Published : 24 May 2024, 12:49 PM IST
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