Vikas Dubey: गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में यूपी पुलिस को क्लीन चिट, जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कही ये बातें

डीएन ब्यूरो

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस वालों की जघन्य हत्या के कुछ दिनों बाद एनकाउंटर में मारे गये कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की मुठभेड़ को लेकर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी हैं। इस रिपोर्ट में पुलिस को क्लीन चिट मिल गई है। डाइनामाइट न्यूज की रिपोर्ट में जानिये इस जांच के बारे में

पुलिस की गिरफ्त में विकास दुबे (फाइल फोटो)
पुलिस की गिरफ्त में विकास दुबे (फाइल फोटो)


लखनऊ: देश और दुनिया को हिलाकर रख देने वाले कानपुर के बहुचर्चित बिकरू कांड की जांच के लिए बने न्यायिक आयोग ने कुख्यात अपराधी और गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर केस में पुलिस को क्लीन चिट दे दी है। इसके साथ ही विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराने वाली पुलिस टीम पर लगाये गये फर्जी मुठभेड़ के आरोप भी खारिज हो गये हैं। इस मुठभेड़ को लेकर कई सवाल उठाये जा रहे थे और पुलिस पर एक सुनियोजित तरीके से विकास दुबे को एनकाउंटर में मारे जाने के आरोप भी लगाये गये। लेकिन जांच समिति ने पुलिस टीम को क्लीन चिट दे दी है।  

सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. बीएस चौहान की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग ने यह भी माना है कि विकास दुबे और उसके गैंग को स्थानीय पुलिस के अलावा जिले के राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों का संरक्षण हासिल था। विकास को अपने घर पर पुलिस छापे की जानकारी स्थानीय चौबेपुर थाने से पहले ही मिल गई थी। 

यूपी सरकार ने जांच आयोग की रिपोर्ट गुरुवार को विधानसभा के पटल पर रखी थी। जांच आयोग ने बिकरू कांड मामले में 132 पेज की रिपोर्ट बनाई है। जिसमें पुलिस और न्यायिक सुधार संबंधी कई सिफारिशें की गई हैं। रिपोर्ट के साथ ही 665 पेज की फेक्चुअल जानकारी भी राज्य सरकार को सौंपी गई है।

बता दें कि कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की रात को रेड मारने गए 8 पुलिसकर्मियों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। इस घटना का मास्टरमाइंड कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे था। मध्य प्रदेश से यूपी लाते समय तड़के पुलिस एनकाउंटर में विकास दुबे की भी मौत हो गई थी। 

कानपुर के बिकरू कांड की जांच के लिए एक जांच आयोग का गठन किया गया था। इसमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज शशिकांत अग्रवाल और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता भी शामिल थे। मामले की जांच के लिए ही आयोग का गठन किया गया था। अब जांच आयोग ने एनकाउंटर करने वाली पुलिस की टीम को क्लीन चिट दे दी है। 










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