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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि श्री अमरनाथ बाबा के आशीर्वाद से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न होगी। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
श्रीनगर: कोविड महामारी के दो साल के बाद गुरुवार को पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। *बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच तीर्थयात्रियों का पहला जत्था बालटाल और चंदनवाड़ी से रवाना हो गया है।
वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव जयकारे के साथ अमरनाथ यात्रा गुरुवार सुबह बालटाल और पहलगाम से शुरू हुई। पहले जत्थे में 4,890 श्रद्धालु हैं। ये सभी बुधवार सुबह जम्मू बेस कैंप से यहां के लिए रवाना हुए थे और देर रात पहुंचे।
यह यात्रा 43 दिनों तक चलेगी। इस यात्रा में शामिल होने के लिए भारत के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का कश्मीर घाटी पहुंचना शुरू हो गया है।
अमरनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए कश्मीर के कई इलाकों में ट्रांज़िट कैंप भी बनाए गए हैं, जहाँ देर रात पहुंचने वाले यात्री ठहरेंगे और अगले दिन सुबह उन्हें बेस कैंप्स जाने की अनुमति होगी।
जम्मू और कश्मीर प्रशासन का कहना है कि अमरनाथ यात्रा के लिए हर तरह से चाक-चौबंद तैयारी की गई है।
केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि श्री अमरनाथ बाबा के आशीर्वाद से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न होगी।
कोविड महामारी के दो साल के बाद गुरुवार को तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था पहलगाम स्थित पारंपरिक नुनवान आधार शिविर से रवाना हुआ। यह दल हिमालय में गुफा मंदिर की ओर सबसे छोटे मार्ग बालटाल शिविर की ओर जायेगा।
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