
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्थित सार्क देशों के सामूहिक विश्वविद्यालय साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (South Asian University) ने सोमवार को छात्रों के लिये 2025-26 के सत्र के लिये प्रवेश के साथ ही अपने कई नये पाठ्यक्रमों और सुविधाओं की घोषणा की।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (SAU) के डारेक्टर प्रोफेसर केके अग्रवाल ने एसयूए के लगातार हो रहे विस्तार, पाठ्यक्रम और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रो केके अग्रवाल ने कहा कि SAU विभिन्न प्रकार के अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम छात्रों के लिये उपलब्ध करा रहा है। इस साल वर्चुअल कैम्पस (ई-कैंपस) के साथ ही कई नये कोर्सों की शुरुआत की है, जिसमें स्नातक, परास्नातक, पीएचडी, एग्जीक्यूटिव पीएचडी कार्यक्रम, डेटा साइंस एंड आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस समेत कई कार्यक्रम शामिल हैं। एग्जीक्यूटिव पीएचडी कार्यक्रम उन प्रोफेशनल्स के लिये शुरू किया गया है, जिनको अपने फिल्ड का शानदार अनुभव है लेकिन ऑफिस कार्यों के कारण वे पीएचडी के समय नहीं निकाल सकते।
उन्होंने कहा कि वर्चुअल कैम्पस के माध्यम से ऑनलाइन डिग्री और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी शामिल हैं, जो विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करता है। वर्चुअल कैम्पस के जरिये भारत समेत सार्क के 8 सदस्य देशों के छात्र कई कोर्स कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सार्क यूनिवर्सिटी में वैश्विक स्तर के कोर्सेज की मांग और छात्रों की संख्या लगातर बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी ने दो वर्ष का ‘एमएस इन डेटा साइंस एंड आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस’ कोर्स शुरू किया है, जिसकी खासियत यह है कि छात्रों के साथ- साथ टीचर्स भी इस कोर्स को कर सकेंगे। डेटा साइंस और एआई की टीचिंग के लिए फैकल्टी को तैयार करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
प्रो अग्रवाल ने कहा कि 2023 तक विश्वविद्यालय में केवल मास्टर और पीएचडी कार्यक्रम थे लेकिन 2024-25 के शैक्षणिक वर्ष में हमने कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में बीटेक शुरू करके एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। शिक्षण गुणवत्ता वैश्विक मानकों को पूरा करते हुए एसएयू ने अब 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो इसके शैक्षणिक परिदृश्य को और व्यापक बनाते हैं और उच्च शिक्षा में एक प्रमुख संस्थान के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करते हैं।
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में ऑन-कैंपस कार्यक्रमों के लिए लगभग 1,300 सीटें बढ़ायी हैं।
सार्क के आठ देशों की भाषा, संस्कृति, धर्म, खान-पान और मान्यताएं अवग होने के बाद भी छात्रों के बीच सामजस्य स्थापित करने से जुड़े डाइनामाइट न्यूज़ के सवाल के जवाब में प्रोफेसर केके अग्रवाल ने कहा यह विश्वविद्यालय के लिये चुनौती नहीं बल्कि अवसर है।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डा रविन्द्र सोनी, प्रो संजय चतुर्वेदी, डा श्वेता सिंह, प्रो पकंज जैन, प्रो प्रताप मोरी समेत अन्य फैकल्टी मैंबर और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग भी शामिल रहे।
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी सार्क के आठ सदस्य देशों द्वारा स्थापित किया गया है। सार्क देशों में भारत के अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल है। एसएयू एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जिसका पहला शैक्षणिक सत्र 2010 से शुरू हुआ। विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों समेत सुविधा, क्षमता और इंफ्रास्ट्रकटर का लगातार विस्तार कर रहा है।
Published : 24 February 2025, 8:08 PM IST
Topics : Artificial Intelligence international level courses Prof KK Aggarwal SAARC SAU South Asian University