सहारनपुर: दंगे के बाद दलित और ठाकुरों ने कायम की मिसाल

डीएन संवाददाता

बदले की भावना को दरकिनार कर दलित और ठाकुरों ने नई मिसाल दी। सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में ठाकुर और दलित ने मिलकर दो दलित युवतियों की शादी कराई।

दलित और ठाकुरों ने कराई दलित युवतियों की शादी
दलित और ठाकुरों ने कराई दलित युवतियों की शादी

सहारनपुर: बदले और जंग की आग में सहारनपुर का शब्बीरपुर गांव में कई दिनों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। दलित और ठाकुरों की लड़ाई के चलते कई जानें गईं और कई के घर फूंक दिए गए। हिंसा और तनाव के बीच दलितों और ठाकुरों ने भाईचारे की मिसाल पेश की है। शब्बीरपुर गांव में ठाकुर और दलित ने मिलकर दो दलित युवतियों की शादी कराई। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, दोनों समाज के लोगों के एक साथ आने से हालात सुधरने में मदद मिलेगी।

शब्बीरपुर गांव में दलित परिवार की दो सगी बहनों की शादी बड़ी धूमधाम से की गई। खास बात ये है कि इस शादी में ठाकुर समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिन दो लड़कियों की शादी हुई है उनका नाम मनीषा और प्रीती है। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। शादी में आए लोगों का मानना है कि हिंसा की वजह से इलाके में तनाव तो लेकिन गांव में फिलहाल शांति है। बता दें कि शब्बीरपुर में हिंसात्मक माहौल के चलते धारा 144 लागू हो गई थी। साथ ही इंटरनेट के प्रयोग पर भी बैन लगा दिया गया था। इतना ही नहीं पुलिस अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया था।

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क्या था मामला

5 मई को शब्बीरपुर गांव में दलित और ठाकुरों के बीच संघर्ष में एक की मौत हो गई थी। फिर 9 मई को पुलिस और दलितों के झड़प के बाद 9 जगहों पर हिंसा और आगजनी की गयी थी वहीं 19 मई को इसे मुद्दा बनाकर भीम सेना ने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया गया था। इसके बाद मायावती के दौरे के बाद दलित और ठाकुरों में दोबारा हिंसा के बाद कई लोग घायल हुए थे। जबकि एक की मौत हो गई थी।

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