प्रणब मुखर्जी ने चुनावी माहौल में दिया बड़ा बयान.. बोले- 'काल्पनिक बहादुरी' से नहीं होगा देश का भला

डीएन ब्यूरो

भारत रत्‍न और पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चुनावी माहौल में बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा, देश की 60 फीसदी से अधिक की संपत्ति केवल एक प्रतिशत लोगों के हाथों में होना देश के लिए चिंताजनक विषय है।

प्रणब मुखर्जी
प्रणब मुखर्जी

नई दिल्‍ली: पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनकी बेबाकी के लिए जाना जाता है। उनकी इसी स्‍पष्‍टवादिता ने लोकसभा के चुनावी माहौल में गर्मी बढ़ा दी है। उन्‍होंने कहा देश केवल काल्‍पनिक बहादुरी से नहीं चल सकता है। देश को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए अभी बहुत लंबा रास्‍ता तय करना है। देश के विकास को समावेशी होने की आवश्‍यकता है। जो लोग विकास की धारा से अलग हो गए हैं उन्‍हें उसमें जोड़ने की आवश्‍यकता है।

भारत रत्‍न से सम्‍मानित पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यह बातें सोमवार को एआईएमए मैनेजिंग इंडिया अवॉर्ड्स देने के दौरान कहीं। इस दौरान वह उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा यह ठीक है कि देश में अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, फोर्ब्स की लिस्ट में बढ़ते अरबपतियों का नाम शामिल हो रहा है। लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि देश में मध्यम वर्ग के लोगों की संख्या में भी हर वर्ष बढ़ोतरी होनी चाहिए, जिनकी आय में वृद्धि हो।

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रोजगार सृजन के लिए के लिए करें पहल

पूर्व राष्ट्रपति ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि देश के एक फीसदी नागरिकों के पास देश की कुल संपत्ति का 60 फीसदी हिस्सा है। जो लोग फायदे के लिए संपत्ति बनाते हैं उनके कारण ही असमानता पैदा होती है। उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं को केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि रोजगार सृजन के लिए आगे आना चाहिए।

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सस्‍ती स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की आवश्‍यकता

देश के हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करने की आवश्‍यकता है। हमें वास्तव में समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनने के लिए युवाओं के गुणवत्ता पहलू पर अभी भी बहुत सा कार्य करना बाकी है।

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