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नागपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को स्वास्थ्य देखभाल समुदाय से भारत को चिकित्सा अनुसंधान में अग्रणी शक्ति बनाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सुविधाएं सस्ती हों जिससे दुनिया भर से लोग उसका लाभ उठाने के लिए यहां आ सकें।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार वह नागपुर में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल (जीएमसीएच) के प्लैटिनम जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि थीं।
पिछले 75 वर्षों के दौरान प्रदान की गई सेवाओं के लिए जीएमसीएच की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी समाज के समग्र विकास के लिए सस्ती चिकित्सा सुविधाएं आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने सभी को मजबूत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के महत्व का एहसास कराया।
उन्होंने कहा, “यह डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों की कड़ी मेहनत थी जिसने सुनिश्चित किया कि भारत इतनी बड़ी आबादी का इस बीमारी के खिलाफ तेजी से टीकाकरण हो सके।”
मुर्मू ने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता भी एक समस्या है और केंद्र सरकार जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलकर इसका समाधान कर रही है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन और ग्रामीण-शहरी विभाजन कम होगा।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ-साथ मेडिकल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की सराहना करते हुए मुर्मू ने अंग दान पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया, जो फिलहाल कम है।
राष्ट्रपति ने मानसिक स्वास्थ्य में अनुसंधान और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में योगदान के लिए जीएमसीएच की सराहना की।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा है कि सभी नागरिकों को न्यूनतम लागत पर अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिलें।
यहां से लोक सभा सदस्य गडकरी ने कहा कि जीएमसीएच ने नागपुर को प्रसिद्ध बना दिया है क्योंकि यहां चिकित्सा का अध्ययन करने वाले लोग दुनिया भर में सेवाएं दे रहे हैं।
Published : 1 December 2023, 9:30 PM IST
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