
नई दिल्ली: महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान पर मची भगदड़ में हताहतों की संख्या पर यूपी सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाये जा रहे हैं। इसके साथ ही अब ये भी सवाल उठने लगा है कि आखिर महाकुंभ हादसे पर उत्तर प्रदेश सरकार कई घंटों तक मामले को क्यों छुपाये रखी। यह भी आश्चर्य में डालने वाला है कि उत्तर प्रदेश के बजाये दिल्ली ने सबसे पहले इस हादसे पर शोक संवेदना जतायी और यूपी सरकार ने खोमाशी ओढे रखी।
प्रयागराज में बीते मंगलवार व बुधवार की दरमियानी रात मची को भगदड़ की खबरें सुबह-सुबह ही सामने आ गई थी। सोशल मीडिया समेत मुख्य धारा की मीडिया में इसे बड़ा हादसा बताया जा रहा था। लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद महाकुंभ की लगातार निगरानी करने का दावा कर रहे सीएम योगी का हादसे पर कोई बयान नहीं आया है।
यूपी प्रशासन ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और घटना के 17 घंटे बाद प्रेस वार्ता में घटना के बारे में बताया।
हालांकि, उत्तर प्रदेश से कई घंटे पहले ही दिल्ली से इस हादसे पर बयान सामने आ गया था और दिल्ली ने ही हादसे की एक तरह से पुष्ट जानकारी भी दी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दिल्ली से घटना पर न केवल चिंता जतायी बल्कि हादसे में हताहतों व पीड़ित परिजनों के प्रति अपनी शोक-संवेदना भी सोशल मीडिया भी व्यक्त की।
इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी तब चिंता जताई है। एक्स हैंडल पर राष्ट्रपति ने लिखा, प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं हताहत हुए श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र ही स्वस्थ हों।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर सोशल मीडिया पर न केवल शोक जताया बल्कि घटना के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ से बातचीत करते रहे और लगातार हालात का जायजा भी लेते रहे।
पीएम मोदी ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए लिखा,"प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।"
दिल्ली से शोक संवेदनाओं का दौर जारी रहा लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार देर शाम तक घटना को लेकर खामोश रही। घटना के 17 घंटे बाद DIG वैभव कृष्ण सामने आये और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी शेयर की। यूपी की तरफ से सबसे पहले उन्होंने बताया कि भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई और 60 लोग घायल हुए। वैभव कृष्ण ने बताया मृतकों में 4 शवों की पहचान नहीं हो सकी।
यूपी प्रशासन की तरफ से औपचारिक जानकारी के बाद भी सीएम योगी खामोश रहे और देर शाम उन्होंने हादसे पर अपनी चुप्पी तोड़ी और संवेदना जतायी। कई लोग यह ,वाल पूछ रहे हैं कि आखिर महाकुंभ की दिन रात मॉनिटरिंग करने का दावा करने वाले सीएम योगी ने हादसे की जानकारी देने और शोक संवेदना जताने में आखिर इतना समय क्यों लिया?
Published : 1 February 2025, 7:47 PM IST
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