
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी के पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को लेकर योगी सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने विधानसभा में सीतापुर के उस बेबस पिता का मामला उठाया, जो ऑक्सीजन के साथ अपने बच्चे को लेकर लखनऊ पहुंचा लेकिन उसे यूपी की राजधानी लखनऊ में भी इलाज न मिल सका। अखिलेश यादव ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो चुकी है और सरकार भी संवेदना खो चुकी है।
अखिलेश यादव ने सदन में विधान सभा अध्यक्ष को बताया कि मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को एक नोटिस दिया। यह नोटिस सीतापुर के उस मामले को लेकर दिया गया, जिसमें एक बेबस पिता अपने 11 माह के बच्चे के इलाज के लिए दर-दर भटकता रहा लेकिन लखनऊ के अस्पताल भी उस बच्चे को इलाज मुहैय्या न करा सके।
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अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी सरकार ने मानवाधिकार आयोग के इस नोटिस का जबाव तक नहीं दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कका कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है। यह सवाल पूरी जनता का है।
अखिलेश यादव ने पूछा कि मानवाधिकार ने सरकार को नोटिस दिया, एक पिता अपने बच्चे को ऑक्सीजन लेकर के सीतापुर से चला, लखनऊ में इलाज नहीं मिला, इस नोटिस का जवाब सरकार को देना है, क्या यह महत्वपूर्ण सवाल नहीं है?
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बता दें कि सीतापुर रेउसा ब्लॉक निवासी रंजित राम कश्यप के बेटे को गत दिनों आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था। रंजित राम ने अपने बेटे को पहले सीतापुर के एक प्राइवेट अस्पताल में दिखवाया। वहां के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे ऑक्सीजन का सपोर्ट देने के बाद केजीएमयू लखनऊ के लिये रेफर किया। लखनऊ पहुंचने पर केजीएमयू में भी उनके बेटे को इलाज नहीं मिल सका।
Published : 20 September 2022, 1:23 PM IST
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