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यूपी की राजधानी में ट्रिपल तलाक पर बोलते हुए समाजसेवी तैहरा हसन ने कहा कि ट्रिपल तलाक मुस्लिम महिलाओं के लिए एक अभिशाप है और इसके खिलाफ मुस्लिम महिलाओं से राय-मशवरे के बाद ही कानून को अंतिम रूप दिया जाना चाहिये..
लखनऊ: फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव ने ट्रिपल तलाक के खिलाफ एक कठोर कानून बनाने की वकालत की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजसेवी तैहरा हसन ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हित में अब तक जो भी कानून बने हैं, वह पर्याप्त हैं। लेकिन कहीं न कहीं उन्हें सही तरीके से अब तक लागू नहीं कराया जा सका है, जिससे महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं में कमी आने की बजाय बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
समाजसेवी तैहरा हसन ने कहा कि ट्रिपल तलाक की समस्या की जड़ कहीं न कहीं आर्थिक और सामाजिक घटकों से ही जुड़ी है, इसलिए ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून बनाते समय महिला संगठनों के इनपुट भी शामिल किए जाने चाहिए। जिससे ट्रिपल तलाक के खिलाफ एक कारगर कानून तैयार किया जा सके।
इस दौरान उन्होंने सरकार से अपील करते हुये कहा ट्रिपल तलाक मुस्लिम महिलाओं के लिए एक अभिशाप है और इसके खिलाफ मुस्लिम महिलाओं से राय-मशवरे के बाद ही कानून को अंतिम रूप दिया जाए। इस कार्यक्रम का आयोजन यूपी प्रेस क्लब किया गया था।
Published : 25 November 2017, 5:18 PM IST
Topics : कानून ट्रिपल तलाक प्रेस क्लब मुस्लिम महिलाएं लखनऊ
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