
नई दिल्ली: शुक्रवार का दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू धर्म में यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर-परिवार में समृद्धि, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शुक्रवार को किए गए व्रत, पूजा और अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं।
पूजा के समय का भी अपना विशेष महत्व है। सही समय पर की गई पूजा का फल अधिक मिलता है, इसलिए पूजा के लिए सही मुहूर्त और समय का चयन बहुत जरूरी होता है। शुक्रवार के दिन आप सुबह और शाम दोनों समय में मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं, लेकिन दोनों समयों की पूजा विधि में कुछ अंतर होता है।
सुबह की पूजा का समय
सुबह का समय लक्ष्मी पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सुबह 6 बजे से 8 बजे तक का समय मां लक्ष्मी की पूजा के लिए उत्तम है। इस समय पूजा करने से न केवल आशीर्वाद मिलता है, बल्कि पूरे दिन की सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी होता है। पूजा से पहले स्नान करना आवश्यक है, इसके बाद विधिपूर्वक लक्ष्मी जी की पूजा करें।
शाम की पूजा का समय
शाम का समय भी लक्ष्मी पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि संध्याकाल में मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है क्योंकि यह समय दिन और रात के संधिकाल का होता है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली होता है। शाम की पूजा के लिए 6:00 बजे से 7:30 बजे तक का समय सर्वोत्तम है। इस समय में पूजा करने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पूजा विधि
शाम की पूजा में लक्ष्मी जी को कमल या गुलाबी फूल अर्पित करना चाहिए और दीप जलाना चाहिए। साथ ही मां लक्ष्मी को खीर का भोग अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। यह भोग मां लक्ष्मी को अत्यधिक प्रिय होता है और इसे अर्पित करने से घर में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
जो लोग नियमित रूप से पूजा-पाठ करते हैं, वे सुबह के समय भी मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं, लेकिन विशेष पूजा के लिए शाम का समय अधिक उपयुक्त होता है। संध्याकाल में की गई पूजा से विशेष आशीर्वाद मिलता ह, और घर में धन, सुख और समृद्धि का वास होता है।
Published : 4 April 2025, 12:08 PM IST
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