
गोरखपुर: यूपी पुलिस (Police) की कड़ी निगरानी और सख्ती के बाद भी जालसाज अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये वसूलने (Extorting Money) के आरोप में बांसगांव थाना पुलिस ने शुक्रवार की सुबह निलंबित महिला सिपाही (Suspended woman constable) व दिल्ली के जालसाज (Fraudster) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया। पुलिस ने देर रात दोनों के विरुद्ध मुकदमा (Case) दर्ज कराने बाद जालसाज के चार पहिया वाहन को भी सीज कर दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सिपाही भर्ती परीक्षा (Constable Recruitment Examination) में गड़बड़ी फैलाने की आशंका में एसटीएफ ने जिस महिला आरक्षी को हिरासत में लिया है वह निलंबित चल रही है। महिला आरक्षी निलंबन के दौरान ही फेसबुक (Facebook) के जरिए दिल्ली के रहने वाले जालसाज के संपर्क में आई।
कस्बा चौकी प्रभारी रविन्द्रनाथ चौबे ने तहरीर में लिखा है कि बुधवार की शाम सूचना मिली कि नगर पंचायत के वार्ड संख्या दो बड़ावन लमोहिया में रहने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस की निलंबित सिपाही पिंकी सोनकर के घर कुछ लोग चार पहिया वाहन से पहुंचे हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को यह लोग पास कराने का झांसा देकर रुपये वसूल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी से हुई पहचान
जानकारी होने पर पुलिस टीम पिंकी के घर पहुंची तो उसके दरवाजे पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखी इनोवा गाड़ी खड़ी थी जिस पर लखनऊ की नंबर प्लेट लगी थी। घर के अंदर एक व्यक्ति कुछ अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर बात कर रहा था। पुलिस को देख अभ्यर्थी भाग निकले। संदेह के आधार पर पिंकी सोनकर व इनोवा गाड़ी से आए दक्षिणी दिल्ली के संगम बिहार में रहने वाले देवेंद्र प्रताप सिंह को हिरासत लिया गया । गाड़ी चालक व साथ में आए निजी सुरक्षाकर्मी को भी थाने लाया गया।
5 लाख में परीक्षा पास कराने का दावा
पुलिस की पूछताछ व जांच में पता चला कि पिंकी व देवेंद्र ने सिपाही भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर कई अभ्यर्थियों से लाख की नकदी व खाते में रुपये लिया है। इसको लेकर दोनों के बीच वाट्सएप पर चैटिंग हुई है। मोबाइल में कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र व अंकपत्र की छाया प्रति भी मिली।
फेसबुक पर हुई थी जान पहचान
श्रावस्ती जिले में तैनात महिला सिपाही पिंकी सोनकर को गैरहाजिर होने पर निलंबित किया गया था। पूछताछ में उसने बताया कि फेसबुक पर उसकी दोस्ती देवेंद्र प्रताप सिंह से हुई थी। वह खुद को राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच का राष्ट्रीय महासचिव बताता है।
शासन व भर्ती बोर्ड में सेटिंग होने का दिया झांसा
देवेंद्र ने बताया कि गोरखपुर आने के लिए उसने लखनऊ में किराए पर इनोवा गाड़ी व निजी सुरक्षाकर्मी को लिया था। शासन व भर्ती बोर्ड में सेटिंग होने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये लिए थे। उनको बताया गया था पांच लाख देने पर परीक्षा पास करा देगा।
Published : 25 August 2024, 2:13 PM IST
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