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नयी दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने हाल ही में कथित तौर पर 2,284 करोड़ रुपये की ‘संदिग्ध’ मुद्रा बाहर भेजने के मामले में सूरत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) स्थित एक एलएलपी कंपनी और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के कई परिसरों पर छापे मारे।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) वाली कंपनी रत्न और आभूषणों का आयात और निर्यात करती है और पिछले दो वर्षों में इसने 3,700 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
एजेंसी ने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की धाराओं के तहत सूरत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित शरणम ज्वेल्स एलएलपी के ठिकानों और इसके प्रवर्तक अवध हर्षद याग्निक और इससे जुड़े ‘वंश मार्केटिंग’ के कई परिसरों पर छापे मारे।
वंश मार्केटिंग का स्वामित्व आशिक पटेल और अन्य के पास है।
जांच ‘विश्वसनीय’ जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी कि उक्त संस्थाएं ‘बड़े पैमाने पर’ भारत के बाहर विदेशी मुद्रा भेजने में शामिल थीं।
ईडी ने कहा, ‘‘कंपनी ने अपने बही-खाते में 520 करोड़ रुपये का अंतिम स्टॉक दिखाया है, हालांकि भौतिक सत्यापन पर केवल 19.7 लाख रुपये का मामूली स्टॉक पाया गया।’’
आरोप के मुताबिक, शरणम ज्वेल्स और उसकी सहयोगी वंश मार्केटिंग ने अन्य फर्जी संस्थाओं की मदद से आयात और निर्यात की आड़ में जटिल लेन-देन के नेटवर्क से विभिन्न लोगों और संस्थाओं को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की हवाला प्रविष्टियां प्रदान कीं।
Published : 27 December 2023, 9:18 PM IST
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