
लखनऊः एलडीए में जारी भ्रष्टाचार के खिलाफ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सीएम योगी को पत्र लिखने के बाबत जब यूपी के आवास राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले की जानकारी से साफ मना कर दिया। साथ ही आवास राज्य मंत्री कहने लगे की अब मामले का पता चला है, इसकी जांच करायेंगे, मगर कैमरे पर कुछ नहीं बोलेंगे। बड़ा सवाल ये है की आवास विभाग पीएम आवास योजना के तहत हजारों की तादाद में बेघर लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए फ्लैट बनवा रहा है। साथ ही आवास विभाग के पास ही पीएम आवास योजना के इतर भी पात्रों को आवास उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।
मगर आवास राज्य मंत्री को अपने ही विभाग में सीएम ऑफिस के आदेश पर चल रहे भ्रष्टाचार की जांच के बारे में जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया है की एलडीए में महत्वपूर्ण फाइलें गायब कर दी गई हैं और बड़े पैमाने पर अनियमितता चल रही है। इसकी जांच कराये जाने की जरूरत है।
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वहीं पंचम तल ऑफिस के आदेश पर प्रमुख सचिव आवास, दीपक कुमार ने मंडलायुक्त को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। खास बात ये है की एलडीए में जानकीपुरम, गोमतीनगर के सैकड़ों आवंटियों की फाइल गायब कर दी गई है। कई पुरानी योजनाओं में छोटे भूखंडो की जगह पर बड़े भूखंड बांट दिये गए। कई कामर्शियल योजनाओं के प्लाट आवंटन में पात्रों की जगह खास लोगों को फायदा पंहुचाया गया। इस तरह के आरोपों की सीएम से शिकायत के बाद इन आरोपों पर पंचम तल काफी गंभीर है।मामलें में कारवाई के लिए अब एलडीए वीसी पीएन सिंह की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
Published : 15 November 2019, 5:03 PM IST
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